जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कहा कि दो अप्रैल से 16 अप्रैल तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण (दिमागी बुखार) पखवाड़ा के तहत लेखपाल, प्रधान, आशा वर्कर, एएनएम सविच, ग्राम पंचायत अधिकारी, शिक्षक, कोटेदार, आंगनबाड़ी कर्मचारी, सफाईकर्मी सहित सभी लोग अभियान को निर्देश न समझकर अपने मौलिक अधिकार समझकर अभियान को सफल बनाएं।
जिलाधिकारी ने मंगलवार को पुवायां इंटर कॉलेज मैदान में जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) से बचाव के लिए चलाए जा रहे अभियान से पहले डीएम ने अभिमुखीकरण कार्यशाला में कर्मचारियों के कामकाज पर संतोष जताया। उन्होंने हाथ उठवाकर कर्मचारियों की उपस्थिति भी ली। कहा कि जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) बहुत ही खतरनाक बीमारी है। इसके बचाव का बहुत ही सरल उपाय टीकाकरण है। इसके लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसे सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा जैसे मैं जिले का कलक्टर हूं वैसे ही आप सब भी अपने आप में कलक्टर हैं। बस आप के नीचे कोई कर्मचारी नहीं है इसलिए आप किसी को सस्पेंड नहीं कर सकते हैं। आपके नीचे जो मच्छर, मक्खी गंदगी है उसको सस्पेंड कर दो। डीएम ने जेई जल निगम को वॉटर टेस्टिंग किट प्रधानों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, साथ ही सभी कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने बताया कि दो अप्रैल से 16 अप्रैल तक चलने वाले अभियान के तहत एक से 15 वर्ष तक के बच्चों को जेई से बचाव के टीके लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान सिंधौली के मूढ़ा हारिस गांव के प्रधान धर्मवीर सिंह, एएनएम सायरा परवीन, आशा सुनीता देवी को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर सीडीओ संजीव सिंह, एसडीएम पुवायां, मोइनुल इस्लाम, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. लक्ष्मण सिंह, डिप्टी सीएमओ पीके वर्मा, बीएसए राकेश वर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी, आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी वर्कर्स मौजूद रहीं।