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मूल्यांकन: अनुपस्थित परीक्षकों और डीएचई का कटेगा वेतन

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गैरहाजिर परीक्षकों और डीएचई का कटेगा वेतन
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यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के लिए दिशा-निर्देश जारी
हाईस्कूल की 50 और इंटर की 40 कापियां प्रतिदिन जांचना जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद से दिशा-निर्देश जारी हो गए हैं। मुख्य नियंत्रक/ डीआईओएस अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मूल्यांकन के लिए प्रतिदिन प्रत्येक परीक्षक को हाईस्कूल की कम से कम 50 और इंटर की 40 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा मूल्यांकन कार्य के नियुक्त राजकीय अथवा सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक यदि अनुपस्थित रहते हैं तो उनका वेतन काटा जाएगा।
डीआईओएस ने बताया कि 17 मार्च से चार केंद्रों पर होने वाला मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में विषयवार कराया जाएगा। परिषद से नियुक्त डिप्टी हेड (डीएचई) और परीक्षक अपने कॉलेज से 16 मार्च को अपरान्ह कार्यमुक्त होकर 17 मार्च को सुबह 10 बजे संबंधित मूल्यांकन केंद्र पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। मूल्यांकन केंद्रों पर शौचालय, शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। बिजली नहीं होने पर जेनरेटर की व्यवस्था रखनी होगी। बताया: मूल्यांकन केंद्र पर वाह्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतय: वर्जित रहेगा और केंद्र के अंदर फोटोग्राफी नहीं कराई जाएगी।
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डीआईओएस ने बताया कि प्रत्येक परीक्षक द्वारा प्रतिदिन न्यूनतम इंटर की 40 और हाईस्कूल की 50 कापियां जांची जाएंगी। निर्धारित संख्या से कम कापियां किसी भी दशा में आवंटित न की जाएं। इतना ही नहीं आवंटित कापियां शत-प्रतिशत उसी दिन जांची जाएं, बिना जांची गईं उत्तर पुस्तिकाएं आगामी कार्य दिवस के लिए संरक्षित न की जाएं। बोर्ड से नियुक्त डीएचई और परीक्षक 17 मार्च को यदि अपने मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित नहीं होता है तो परिषदीय नियमों के अंतर्गत उसके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों का अनुपस्थित रहने की अवधि का वेतन देय नहीं होगा।
सभी परीक्षकों को अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य से सत्यापित नियुक्ति पत्र भी लाना अनिवार्य होगा। मूल्यांकन कार्य सुबह 10 से पांच बजे तक चलेगा और इस अवधि में कोई भी परीक्षक अथवा डीएचई मूल्यांकन केंद्र से बाहर नहीं जाएगा।
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...तो वित्तविहीन शिक्षक माने जाएंगे अयोग्य
डीआईओएस अशोक कुमार गुप्ता ने कहा है कि वित्तविहीन कॉलेजों के प्रधानाचार्य बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य के लिए नियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को 16 मार्च को कार्यमुक्त कर दें और मूल्यांकन केंद्र पर जाने के लिए आदेशित कर दें। यदि वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षक मूल्यांकन केंद्र पर अनुपस्थित रहते हैं, तो माना जाएगा कि संबंधित विद्यालय में परिषद के मानक के अनुरूप योग्य शिक्षक कार्यरत नहीं हैं। इसे परिषदीय नियमों के अंतर्गत मूल्यांकन जैसे आवश्यक सेवा में असहयोग मानते हुए विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई प्रेषित कर दी जाएगी।
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नहीं होगी कॉपियों की फोटोग्राफी
बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के दौरान कोई भी डीएचई अथवा परीक्षक किसी भी दशा में उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोग्राफी नहीं करेंगे और न ही कापियों में लिखे आपत्तिजनक शब्दों को प्रचारित करेंगे। यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनिक और विधि कार्रवाई संपादित की जाएगी।
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