पांच स्थानों के विपरीत 15 सफाईकर्मी और चार अन्य कर्मचारी रखे जाने के बाद भी नगर
पंचायत के अधिकारी, कर्मचारियों ने इस मामले को दबाए रखा। बाद में चार अन्य
कर्मचारियों को निकाल दिया गया और दो सफाईकर्मियों ने काम करना छोड़ दिया। शेष
13 लोग संविदा पर सफाईकर्मी का काम करते रहे। तत्कालीन ईओ आरपी सिंह ने आठ
जुलाई 15 को इस घोटाले को पकड़ा तो शासन को पत्राचार कर मामले से अवगत कराया
और कर्मियों का वेतन रोक दिया। शासन से नियमानुसार कार्रवाई की हरी झंडी मिलने पर
संविदा सफाईकर्मी रवि कुमार, राजू, सुरेश कुमार, पातीराम, विमलेश कुमार, सोनपाल,
संतराम, सुरेश, पप्पू, गाविंद, सप्पू, चंदन, अमित कुमार को सेवा से हटाए जाने का
आदेश मंगलवार देर शाम जारी कर दिया गया।
पूर्व चेयरमैन ने दिया था लिपिक को नोटिस
खुटार। नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन केबी सिंह ने शासनादेश के विपरीत ज्यादा
सफाईकर्मी रखे जाने पर लिपिक अनिल सिंह को 14 जुलाई 2010 को नोटिस जारी
किया था, लेकिन 29 जुलाई 2010 को उनका निधन हो जाने के बाद मामला दब गया।
29 अगस्त 2010 को लिपिक अनिल सिंह ने अपने हस्ताक्षर से शासन को 19 लोगों की
नियुक्ति की सूचना दी थी।
शासनादेश के निर्देश के क्रम में 13 संविदा सफाईकर्मियों का हटाया गया है। इनकी रोजी
रोटी की समस्या होगी तो ठेके पर काम पर रखा जाएगा। आगे होने वाली नियुक्ति में इन
कर्मियों को वरीयता दी जाएगी। --एके पटेल, ईओ नगर पंचायत खुटार