शाहजहांपुर। मालखाना मोड़ के श्री सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के समापन पर कथा व्यास पं. राम कुमार मिश्र ने रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक प्रसंग सुनाई। कहा, भ्रष्टाचार, दहेज और गंदगी जैसी सामाजिक बुराइयां रामराज की स्थापना में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि आतंक, भ्रष्टाचार और गंदगी रूपी दानवों का अंत करने मेें समाज को अग्रणी भूमिका निभानी होेगी।
उन्होंने सुनाया कि विभीषण के बताने पर राम ने रावण की नाभि में बाण मारकर उसे सुरपुर पहुंचा दिया। तत्पश्चात सीता, लक्ष्मण, हनुमान आदि के साथ उन्होंने देवों द्वारा भेजे गए विमान से प्रस्थान किया। वे नंदी ग्राम में भरत से मिलकर अयोध्या पहुंचे। सारा नगर उनके आगमन की खुशियों में दीपों से सजाया गया। एक दिन शुभ मुहूर्त में गुरु वशिष्ठ ने उनका राज्याभिषेक कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि त्रेता में रावण आदि असुरों का अंत होने से रामराज की स्थापना हो गई, परंतु आज आतंक, भ्रष्टाचार, दहेज, मद्यपान, व्यभिचार, गंदगी आदि असुरों ने निरीह समाज को जकड़ रखा है। इसलिए रामराज की अवधारणा को कलियुग में साकार करने के लिए समाज को इन बुराइयों का अंत करने को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। व्यास पीठ पर श्रीराम राज्याभिषेक में कथा व्यास ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाई। कथा के अंत में हवन, आरती, कन्या भोज व प्रसाद वितरण हुआ। व्यवस्था में मनोज शुक्ला, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र, अमन, साहिल, अजय दीक्षित आदि का सहयोग रहा।