शाहजहांपुर। 24 घंटे के दौरान रामगंगा के जल स्तर में 60 सेमी की गिरावट आने के साथ ही जलालाबाद और मिर्जापुर क्षेत्र में नदी के तटवर्ती गांवों के पास पानी की तेज धार से भूमि कटान भी तेज हो गया है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता और अवर अभियंता हरिहरपुर में कैंप करके वहां कच्ची ठोकरें बनवाने में जुटे हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार बैराजों से पानी का फ्लो कम होने से बदायूं के कछला घाट से लेकर कलान ब्लॉक के भैंसार बांध ढाई घाट तक गंगा का जल स्तर पांच सेमी कम हो गया, लेकिन बीते दिन बारिश के असर से खन्नौत नदी पांच सेमी बढ़कर 142.85 मीटर पर पहुंच गई।
बता दें कि हरिहरपुर में कटान रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी, बालू और ईंट के टुकड़े भरकर रामगंगा के किनारे बनाई जा रहीं कच्ची ठोकरें गत सप्ताह तेज कटान से बह गईं। दो दिन पहले बैराजों से रामगंगा में पानी का फ्लो बढ़ाया गया, तो नदी का जल स्तर बढ़ गया। इससे भूमि कटान कम होने का तात्कालिक लाभ यह मिला कि बालू की बोरियां नदी की तलहटी में टिकने लगीं।
इन प्रयासों के चलते हरिहरपुर की ओर बढ़ रही रामगंगा को आंशिक रूप से मोड़ने में कामयाबी मिली, लेकिन 24 घंटे में पानी घटने के कारण रामगंगगा से भूमि कटान तेज हो गया। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने हार नहीं मानी। सहायक अभियंता अनूप कुमार और जेई राजेश कुमार मौके पर ही डेरा डाले हैं। उनकी निगरानी में मेठ के अधीन मजदूर सुबह से कच्ची ठोकरों को मजबूती देने में जुटे हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार ड्यूनी डाम से शनिवार को पानी रिलीज नहीं होने से पिछले 24 घंटे में 30 सेमी घटकर 145.60 मीटर पर आ चुकी गर्रा में पानी और कम होगा।