जिले में निगोही, जैतीपुर और भावलखेड़ा पूरे समय संवेदनशील बने रहे। यहां अतिरिक्त
पुलिस बल को उतारा गया था। जैतीपुर में कुल 69 बीडीसी मेंबरों ने वोट डाले थे जिसमें
से तीन रद्द कर दिए गए। गणना में यहां सपा की ईश्वरवती और पूर्व कांग्रेस विधायक
वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना के अनुज महेंद्र सिंह की पत्नी विजय लक्ष्मी को 33 - 33 मत
मिले। सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से एडीएम को मौके पर भेजा गया एवं क्षेत्र में
शांति व्यवस्था बनाए रखने को गणना केंद्र से सटे बाजार और दुकान बंद करा दिए गए
थे। लाटरी से परिणाम सपा प्रत्याशी के पक्ष में निकला।
शाम को कलेक्ट्रेट में जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम शुभ्रा सक्सेना ने सभी नवनिर्वाचित
ब्लॉक प्रमुखों को जीत का सर्टिफिकेट बांटा। इनमें से निर्वाचित प्रमुखों में से 10 महिलाएं
हैं। सपा के खाते में जलालाबाद से गोपाल वर्मा, मिर्जापुर से सुमनलता, कांट से मुनेंद्र,
पुवायां से शोभा, सिंधौली से सुनीता, तिलहर से सावित्री, बंडा से संतोषी देवी और
ददरौल से क्षमा वर्मा निर्विरोध निर्वाचित हुए। बंडा में शनिवार को सपा प्रत्याशी के
खिलाफ नामांकन करने वाली गांव बसंतापुर की स्नेहलता कटियार और गांव जमुनिया
खानपुर के रामपाल ने नाम वापस ले लिया था। भावलखेड़ा ब्लॉक से सपा प्रत्याशी
मनोरमा सिंह और सपा के एमएलसी संजय मिश्र की पत्नी रानी मिश्रा आमने -सामने थीं।
एमएलसी की पत्नी 39 मतों से चुनाव हार गईं। उन्हें कुल 40 मत मिले जबकि सपा की
अधिकृत प्रत्याशी को 79 मत मिले।