शैक्षिक सत्र बदलने का एक और साइड इफेक्ट देखने को मिल रहा है। अब 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि शैक्षिक सत्र आरंभ हुए डेढ़ महीना होने जा रहा है। विद्यार्थियों के नहीं पहुंचने से प्रधानाचार्य परेशान हैं, उनकी परेशानी का कारण यह है कि निर्धारित तिथि तक फीस नहीं वसूल पा रहे हैं। सभी की उपस्थिति भी कम होती जा रही है। विद्यार्थियों के कक्षा में नहीं पहुंचने का मुख्य कारण यह है कि अभी हाई स्कूल यानी 10वीं का रिजल्ट ही नहीं निकला है। परीक्षा के तुरंत बाद तो शैक्षिक सत्र आरंभ कर दिया गया। रिजल्ट के कारण माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रोवीजनल प्रवेश करने की व्यवस्था दी है।
प्रोवीजनल प्रवेश व्यवस्था में छात्र-छात्राओं को 11वीं क्लास में अस्थाई प्रवेश दे दिया जाएगा, बाद में 10वीं का रिजल्ट आने के बाद विद्यार्थी से वर्गानुसार शुल्क जमा कर शेष राशि वापस कर दी जाएगी। यानी प्रवेश के लिए पहले भी सिर दर्द और बाद में भी सिर दर्द। प्रोवीजनल प्रवेश प्रक्रिया से प्रधानाचार्य खासे दिक्कत में हैं। उनका कहना है कि प्रोवीजनल प्रवेश तो तब करें, जब छात्र कॉलेज में आए। परीक्षा के बाद छात्र-छात्राएं स्कूल-कॉलेज आते ही कब हैं। प्रवेश की अंतिम तिथि भी प्रधानाचार्याें के हाथ से खिसकती जा रही है।
रिजल्ट के बाद तो प्रधानाचार्य और भी दिक्कत में आने वाले हैं, इसका कारण यह हो सकता है कि जब बोर्ड का रिजल्ट घोषित होगा, तब तक शायद प्रवेश की अंतिम तिथि निकल चुकी होगी, और उस समय ही प्रवेश के लिए वह भी मनचाहे वर्ग में एडमीशन को लंबी कतारें शिक्षण संस्थाओं में देखने को मिलें। सोर्स-सिफारिश का दबाव अलग से होगा। डेढ़ महीने बाद भी 11वीं की कक्षाएं सन्नाटे में डूबी हुई हैं। कुछ स्कूल-कॉलेजों में गिने-चुने विद्यार्थियों ने तो फीस जमा कर दी है, लेकिन अधिकांश शिक्षण संस्थाओं की स्थिति बहुत खराब है।
तत्काल शुल्क जमा करने की चेतावनी
आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज और आर्य महिला इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्यों ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो चुकी छात्राओं से कहा है कि वह 18 मई तक 11वीं कक्षा में प्रोवीजनल प्रवेश लेकर अपना शुल्क जमा करना सुनिश्चित करें, अन्यथा उनका नाम काट दिया जाएगा। प्रधानाचार्य द्वय ने कहा है कि निर्धारित तिथि के बाद प्रवेश देना संभव नहीं होगा। इससे पहले भी कई कॉलेजों के प्रधानाचार्य इस प्रकार की चेतावनी विद्यार्थियों को दे चुके हैं।