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लोकल रूट पर शटल सेवा बनकर दौड़ीं रोडवेज बसें, ट्रेनें रहीं फुल

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लोकल रूट पर शटल सेवा बनकर दौड़ीं रोडवेज बसें, ट्रेनें रहीं फुल
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शाहजहांपुर। शहर में रह रहे बाहर के नौकरीपेशा और कामकाजी लोगों में होली के मौके पर घर जाने का उतावलापन बृहस्पतिवार को सुबह से रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर दिखने लगा। अधिकांश ट्रेनों मेें 15 दिन आगे तक रिजर्वेशन फुल रहने के कारण सामान्य यात्रियों को परिवार सहित ट्रेन में सफर करने पर तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों में जगह नहीं मिलने पर मुसाफिरों की भीड़ रोडवेज बस स्टेशन पर सुबह से बढ़ने लगी। पूर्व निर्धारित योजना के तहत दिल्ली, लखनऊ और हरदोई रूट पर बुधवार सुबह से बसें बढ़ा दी गईं। पॉकेट रूट कहे जाने वाले कम दूरी के स्थानीय मार्गों पर यात्रियों की मांग के मुताबिक तमाम बसों के फेरे बढ़ाकर उन्हें शटल सेवा के तौर पर चलाया गया, जिससे कि मंजिल तक सभी पहुंच सकें।
होली-दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर ट्रेनों में भीड़ होना कोई नई बात नहीं है। ऐसे मौकों पर एक सप्ताह पहले से ही सभी ट्रेनों की बोगियां फुल होने लगती हैं। होली के दिन ट्रेनों में इतनी भीड़ हो गई कि जनरल डिब्बे की बात छोड़ें, स्लीपर कोच में भी खड़े होने की जगह मिलनी कठिन हो गई। रोजा-बरेली के बीच चलने वाली बीआर पैसेंजर यात्रियों की भीड़ के चलते बुधवार सुबह निर्धारित समय से करीब आधा घंटा देरी से छूटी। इसके बावजूद यहां से बरेली और बीच के स्टेशनों पर जाने वाले काफी लोगों को बोगियों मेें घुसने का मौका नहीं मिला और इस वजह से उनकी ट्रेन छूट गई।
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यही नहीं, अप एवं डाउन श्रेणी की डिब्रूगढ़ से लालगढ़ के बीच चलने वाली अवध असम एक्सप्रेस, दरभंगा-अमृतसर के बीच चलने वाली जननायक एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस, सहरसा-अमृतसर जन साधारण एक्सप्रेस, जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस में सभी बोगियां पिछले स्टेशनों से ठसाठस होकर पहुंची। नतीजतन, बीवी-बच्चों के साथ सफर पर निकले लोगों की ट्रेनें एक के बाद एक छूटती रहीं। लखनऊ दिशा के यात्रियों को दोपहर बाद यहां से गुजरी टनकपुर-प्रयागराज त्रिवेणी एक्सप्रेस में जगह नहीं मिलने पर उन्होंने रोडवेज बस स्टेशन की ओर रुख कर लिया।
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रोडवेज के स्थानीय डिपो में बेहतर कंडीशन वाली अनुबंधित श्रेणी की 77 बसों में 50 से अधिक बसें अलग-अलग रूटों से दिल्ली रवाना की गईं। अजमेर, जयपुर, मथुरा, आगरा, लखनऊ आदि मार्गों पर भी ऐसी बसें भेजी गईं, जो रास्ते में कोई खराबी आने पर ब्रेक डाउन का शिकार नहीं बनें। डिपो में कुल 192 बसें हैं। परिवहन निगम की शेष बसें पलिया, पुवायां, बंडा, खुटार, फर्रुखाबाद, मोहम्मदी, गोला, लखीमपुर खीरी आदि स्थानीय मार्गों पर शटल सेवा के तौर पर तब तक चलाई गईं, जब तक इन मार्गों के यात्री मिलते रहे। निगम के स्टेशन प्रबंधक सुशील कुमार त्रिवेदी के अनुसार बसों के संचालन की विशेष व्यवस्था वापसी की भीड़ को देखते रविवार तक प्रभावी रहेगी।
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