नगर के द रेनेसा एकेडमी स्कूल में भौतिक विज्ञान के शिक्षक को निकाले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। बुधवार को छात्रों के आक्रोश को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल के छात्र-छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यालय में हंगामे को लेकर प्रबंधतंत्र ने पुलिस बल को बुलवा लिया। लगभग ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद तय किया गया कि बृहस्पतिवार को अभिभावक संघ की बैठक में इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा।
विद्यालय के कक्षा 11 व12 के छात्र छात्राओं ने मंगलवार को विद्यालय गेट पर प्रबंध तंत्र पर मनमानी का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन करते हुए भौतिक विज्ञान के अध्यापक ध्रुवकांत को हटाने का विरोध किया था। बुधवार को जब छात्रों ने जब ध्रुव कांत को विद्यालय में नहीं देखा तो उन्होंने पुन: हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक ऋषि द्विवेदी, अरिमर्दन सिंह चौहान, चंदन सिंह सहित तमाम कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए और उन्होंने प्रबंध तंत्र पर मनमानी का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रबंध तंत्र के एक सदस्य उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। विद्यालय में गरमाते माहौल को देखकर प्रबंधतंत्र ने तत्काल पुलिस बल को बुलवा लिया। पुलिस ने आकर माहौल को शांत किया। परिषद के कार्यकर्ताओं से हो रही नोकझोंक के बीच भाजपा नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता भी वहां पहुंच गए। भाजपा नेता ने कहा विद्यालय को चलाना प्रबंधतंत्र की जिम्मेदारी है। किसी भी छात्र नेताओं को अध्यापक की तरफदारी करते हुए अनावश्यक नेतागिरी नहीं करनी चाहिए। विद्यालय प्रबंधतंत्र के सदस्य विजय अग्रवाल ने बताया कि अध्यापक ध्रुवकांत को निकाला नहीं गया है। वह स्वेच्छा से विद्यालय छोड़कर गए हैं। कहा कि विद्यालय में अराजकता का माहौल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटनाक्रम के दौरान प्रबंधतंत्र के बीच दो घंटे तक चली वार्ता के बाद आश्वासन दिया कि बृहस्पतिवार को वह कक्षा 11 तथा 12 के बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर उनसे वार्ता करेंगे। उसके बाद ही इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा।