फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा, रामगंगा और गर्रा के तटीय गांवों में गहराई बाढ़ की विपदा

विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा, रामगंगा और गर्रा में उफान से तटीय गांवों में बेचैनी बढ़ी
विज्ञापन

बैराजों से पानी छोड़े जाने से नदियों के जल स्तर में सोमवार को भी बढ़ोतरी जारी
बाढ़ का संकट देख ग्रामीण दैनिक उपयोग की वस्तुओं को घरों में सहेजने लगे हैं
फोटो-21,22,23 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों में हो रही व्यापक वर्षा से उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के जलाशयों में पानी ओवरफ्लो होने लगा है। बैराजों से पानी की निकासी बढ़ने से जिले में गंगा, रामगंगा, गर्रा, खन्नौत आदि नदियों में सोमवार को भी उफान जारी रहा। सिंचाई विभाग को मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा से गंगा में 171792 क्यूसेक पानी बहाया गया है। नदियों का जल स्तर बढ़ने से उनके तटीय गांवों में बाढ़ की विपदा गहराने लगी है और ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि पिछले 72 घंटे में गंगा का जल स्तर 20 सेमी और रामगंगा का 1.01 मीटर बढ़ चुका है। गर्रा 90 सेमी उछाल लेकर 146 मीटर और खन्नौत 65 सेमी बढ़ चुकी है। बीते 24 घंटे में खन्नौत 15 सेमी बढ़कर 143.45 मीटर पर बह रही है। तार बाबू के अनुसार नरौरा से रिलीज पानी में लगभग 11000 क्यूसेक की वृद्धि से अगले 48 घंटे में गंगा में पानी बढ़ने के आसार हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता और जेई गंगा-रामगंगा के तटवर्ती गांवों में कैंप कर रहे हैं।
विज्ञापन

000000000000000000000000000000000000000000
तारापुर का नाला क्रास कर मिर्जापुर की ओर बढ़ा गंगा का पानी
गंगा और रामगंगा का पानी मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का कहर बरपाने को आमादा है। जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर चौरा गांव के नजदीक रविवार से रोड पर बह रहा गंगा का पानी और अधिक तेजी से बहने लगा है। इसके बावजूद दुपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार खतरा मोल लेकर कमर तक पानी को पार कर आवागमन जारी रखे हैं। तारापुर नाला को गंगा का पानी क्रास करके अब इस्माइलपुर और संभरपुर होते हुए मिर्जापुर की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग की टीम बचाव कार्य करने के बजाय सिर्फ बाढ़ का नजारा ले रही है। इसी क्षेत्र में रामगंगा बढ़ने से आजादनगर, इस्लामनगर और बीघापुर गांव पानी से घिर जाने के कारण ग्रामीणें का घरेलू कामों से गांव के बाहर निकलना कठिन हो गया है। मई खुर्दकलां और हरिहरपुर में भूमि कटान की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन रामगंगा में उतार शुरू होने पर इन गांवों की जमीनें बचाना कठिन हो जाएगा।
000000000000000000000000000000000000000000
परौर और मोहनपुर के नजदीक पहुंचे रामगंगा के थपेड़े
रामगंगा की बाढ़ से परौर और उसके मजरों पर जल प्रलय का खतरा मंडरा रहा है। नदी का पानी बीते 24 घंटे में परौर की ओर लगभग 20 मीटर खिसक आया है और अब मजरा मोहनपुर और बिचपुरी के पास थपेड़े मार रहा है। पानी बढ़ने के बावजूद बाढ़ नियंत्रण के ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इस कारण परौर के ऐतिहासिक राजमहल सहित गांव के तमाम घरों और स्कूल-अस्पताल के अस्तित्व को खतरा बढ़ गया है। बाढ़ से घिरने का अनुमान लगाकर ग्रामीण दैनिक उपयोग की वस्तुओं को घरों में सहेजने लगे हैं। हरिहरपुर में कच्ची ठोकरें रामगंगा में समाने के बाद कटान रोकने के वैकल्पिक प्रबंध शुरू नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन

000000000000000000000000000000000000000000
गर्रा की बाढ़ ने खुदागंज क्षेत्र के तमाम गांवों का रोका रास्ता
गर्रा में लगातार उफान बढ़ने से तिलहर तहसील के खुदागंज ब्लॉक में तमाम गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ से अवरुद्ध हो गए हैं। क्षेत्र केे पहाड़ीपुर भोपत, मुड़िया देहात माली, रामेश्वरगंज, जमीलापुर आदि गांवों के चारों ओर पानी चढ़ने से इन गांवों का अन्य इलाकों से सड़क संपर्क कट गया है। नदी में पानी कम नहीं होने के कारण भुंडी घाट से बहे पैंटून पुल को यथा स्थान लाना संभव नहीं हो रहा। इस कारण नदी पर के करीब दो दर्जन गांवों के हजारों बाशिंदों को खुदागंज, निगोही आदि नजदीकी कसबों तक जाने के लिए निजी नावों पर खतरे का सफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें