जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कई गांवों में पहुंचकर शौचालयों का स्थलीय मुआयना किया। इस दौरान गुणवत्ता ठीक न होने पर प्रधानों को फटकार लगाई गई और अपात्रों ने शौचालयों की राशि की रिकवरी के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी बुधवार दोपहर बाद बंडा पहुंचे। ब्लॉक सभागार में प्रधान और सचिवों की बैठक के दौरान डीएम ने सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि कोई भी पात्र योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। बैठक में डीएम से अपात्रों को शौचालय योजना का लाभ दिए जाने, पात्रों को लाभ नहीं मिलने और शौचालय निर्माण में गुणवत्ता सही हनीं होने की शिकायतों पर डीएम ने गांवों में पहुंचकर जांच का निर्णय लिया।
बैठक के बाद डीएम सबसे पहले गांव सिसोरा सिसोरी पहुंचे। गांव में अपात्रों के शौचालय बनवाए जाने की शिकायत पर डीएम ने प्रधान और सचिव से नाराजगी जताते हुए कहा कि अपात्रों से धन की रिकवरी कराई जाए। गांव में बनने वाले 110 शौचालयों का निर्माण तीन दिन में पूरा कराए जाने के निर्देश दिए। तय समय में कार्य पूरा न होने पर डीएम ने कार्रवाई की चेतावनी दी। एक शौचालय में उपले भरे मिलने पर डीएम ने शौचालय स्वामी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद गांव तिंदुआ नगरिया में डीएम ने प्रधान प्रणवीर शर्मा को नालियों की सही से सफाई कराने और चूना डलवाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि सभी प्रधान और सचिव गांव में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। गांव के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मोइनुल इस्लाम, डीपीआरओ अरविंद जायसवाल, सीएमओ डॉ.आरपी रावत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
सिपाही को लाइन हाजिर करने के निर्देश
बंडा। ब्लॉक सभागार में डीएम की बैठक के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही दोस्तों से गपशप करते हुए गलबहियां करने लगा। इससे बैठक में शोरशराबा होने लगा। बैठक कर रहे डीएम कुछ देर के लिए चुप भी हो गए, लेकिन सिपाही अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। सिपाही की यह अनुशासनहीनता डीएम को नागवार गुजरी और उन्होंने बंडा एसओ तेजपाल सिंह को बुलाकर सिपाही के खिलाफ लाइन हाजिर किए जाने की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।