शाहजहांपुर। ब्रिगेडियर रुपेश मेहता ने कहा कि देश के वीर जवानों ने कारगिल में पाक सेना को मुंहतोड़ जवाब देकर फतह हासिल की। उन्होंने कहा कि वीरों की याद में आज का दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इससे पहले शहीद स्मारक पर सैन्य अफसरों ने पुष्प चक्र अर्पित किए और शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया गया।
सेना मेडल प्राप्त ब्रिगेडियर रूपेश मेहता ने कारगिल युद्ध की चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल में हुई लड़ाई में 527 जवानों ने अपनी कुर्बानी देकर पाकिस्तानी सेना के जवानों को मारकर कारगिल फतह की। इस युद्ध में देश के चार वीर जवानों को परमवीर चक्र, नौ को महावीर चक्र व 55 को वीरता चक्र देकर सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के वीर जवान शहीद हुए हैं। उनके परिजनों को वह सैल्यूट करते हैं। उन्होंने शहीद सिपाही मलूक सिंह की पत्नी शब्बीर कौर, नायक आलोक सिंह की पत्नी गुरमीत कौर, सिपाही रमेश चंद्र की पत्नी सुनीता देवी, लॉस नायक देवेंद्र सिंह की पत्नी पुष्पा देवी, सिपाही सुरेश कुमार शर्मा की पत्नी मीना देवी, नन्हे लाल की पत्नी रस्पता देवी और सिपाही सत्यपाल की पत्नी निर्मला देवी को सम्मानित किया। इनमें वर्ष 1965 की लड़ाई में शहीद हुए जवानों की पत्नियां भी शामिल हैं। कार्यक्रम के शुभारंभ पर ब्रिगेडियर के अलावा कर्नल राजीव कुमार, कर्नल बलवीर सिंह और कर्नल रजनीश त्यागी ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए। इस मौके पर ओसीएफ के महाप्रबंधक एसके बैनर्जी, ब्रिगेडियर की पत्नी प्रिया मेहता, छावनी परिषद के उपाध्यक्ष अवधेश दीक्षित समेत कई प्रमुख लोग और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सेना के जवानों ने मलखंभ पर दिखाए करतब
कैंट मैदान पर आक्रामक अकरा मराठा लाइट इन्फेंट्री से जुड़े जवानों ने मलखंभ पर हैरतअंगेज कारनामें दिखाकर खूब तालियां बटोरीं। सूबेदार राकेश कुमार के संचालन में फौजियों ने मलखंभ पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके लिए ग्राउंड पर 13-13 फिट के दो खंभ लगाए गए सैनिकों ने लकड़ी के खंभ पर गजब का संतुलन बनाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इसमें मुख्य रूप से खंभ पर चढ़कर सैल्यूट करना, मंदिर बनाना, हाथ की पटरी, साइड फरारा, सीढ़ी, खड़ा फरारा, पैर की पटरी, कमल फूल, पवन चक्की आदि आकृतियां बनाकर खूब वाहवाही लूटी।
कैंट ग्राउंड पर दिखाए गए कई कार्यक्रम
कैंट ग्राउंड पर सेना की तकनीकी से जुड़े हथियारों और रिमोट कंट्रोल माध्यम से गुप्त सूचनाओं को ग्रहण करने का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा लड़ाई और अभ्यास का प्रदर्शन भी किया गया। जिसे मौजूद लोगों ने काफी सराहा।
बच्चों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम विजय दिवस का उत्साह बच्चों की टोलियों में देखने को मिल रहा था। स्कूली बच्चे हाथ में तिरंगा लेकर लहराते रहे। इधर देश भक्ति के गीतों ने कार्यक्रम में समा बांध दिया।