फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विद्युतीकृत होगा शाहजहांपुर-पीलीभीत रेल ट्रैक

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शाहजहांपुर-बरेली रेल रूट अमान परिवर्तन के साथ अब विद्युतीकृत भी होगा। उम्मीद है कि नए वित्तीय वर्ष में करीब 85 किमी के इस रेल ट्रैक पर ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिक) लाइन डालने का काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल अमान परिवर्तन का काम तेजी से चल रहा है। इसके 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। अमान परिवर्तन को रेलवे ने 2017 में स्वीकृति दी थी। इसके साथ ही रेल खंड को विद्युतीकृत करने का प्रस्ताव लंबित था। अब इसे भी मंजूरी मिल गई है।
विज्ञापन

शाहजहांपुर-पीलीभीत के बीच अब तक मीटर गेज ट्रेन दौड़ती थीं। 85 किमी के इस रेल रूट को मई 2018 में बंद कर दिया गया। इसके साथ ही अमान परिवर्तन का काम चालू हो गया। शाहजहांपुर से पीलीभीत तक मीटर गेज रेल पटरियां उखाड़ी जा चुकी हैं। पीलीभीत साइड से काम तेजी से चल रहा है। अब तक पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जत नगर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इस रूट को हाल ही में उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में शामिल कर दिया गया है। उत्तर रेलवे के ज्यादातर रेल रूट इलेक्ट्रिक हैं। ऐसे में पीलीभीत-शाहजहांपुर रेल खंड को भी इलेक्ट्रिक करने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसे बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। नए वित्तीय वर्ष में इसके लिए काम चालू होने की बात कही जा रही है।

ठेके पर दिए जाएंगे कम आय वाले स्टेशन
शाहजहांपुर। करीब 85 किमी लंबे रेल खंड में दो दर्जन से ज्यादा स्टेशन और हाल्ट हैं। इनमें कई ऐसे स्टॉपेज भी हैं जहां काफी कम आमदनी होती हे। मीटरगेज लाइन के दौरान इन सभी स्टेशन और हाल्ट पर ट्रेनों का ठहराव होता रहा। रेलवे सूत्रों ने बताया कि ब्रॉडगेज लाइन शुरू होने के साथ ही इनमें कई हाल्ट बंद कर दिए जाएंगे। कुछ स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव खत्म करने और कुछ स्टेशनों को ठेके पर देने का भी प्रस्ताव है। हालांकि, अभी इसमें समय लगेगा।
विज्ञापन


जिन रेल रूट पर ओएचई नहीं है वहां सिर्फ डीजल इंजन ट्रेनों को ही दौड़ाया जा सकता है। ओएचसई ट्रैक पर दोनों इंजन काम करते हैं। धीरे-धीरे डीजल इंजन के स्थान पर इलेक्ट्रिक इंजनों से ट्रेनों के संचालन की योजना है। ऐसे में जो भी ब्रॉडगेज के नए काम हो रहे हैं वहां विद्युतीकरण भी कराया जा रहा है। शाहजहांपुर-पीलीभीत रेल रूट का भी विद्युतीकरण होना है।
विज्ञापन

-ओम शिव अवस्थी, स्टेशन अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें