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कैलाश नगर कॉलोनी से लापता हुए बच्चे, हड़कंप

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शाहजहांपुर। मोहम्मदी रोड स्थित कैलाश नगर कॉलोनी से बुधवार रात छह बच्चे लापता हो गए। सभी बच्चे सरकारी कर्मचारियों के थे। इस बारे में पता लगने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। देर रात करीब 10 बजे सभी छह बच्चों को कॉलोनी से करीब एक किलोमीटर दूर हथौड़ा चौराहे पर एक ई-रिक्शा से मिल गए। लोगों ने ई-रिक्शा चालक को पिटाई के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उससे पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
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कैलाश नगर कॉलोनी के रहने वाले सहकारी बैंक के लिपिक नरेंद्र कुमार के घर में बुधवार को उनके बेटे का नामकरण संस्कार था। नाते-रिश्तेदार और दोस्त अपने परिवार के साथ आए हुए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे नरेंद्र ने देखा कि उनकी नौ वर्षीय बेटी अनामिका और चार साल का बेटा वंश कहीं नहीं दिख रहे। बच्चों को तलाश किया तो कॉलेनी में ही रहने वाले शिक्षक अरुण कुमार को भी अपनी आठ वर्षीय बेटी सौम्या, छह साल का बेटा अरल गायब मिला। इससे यहां हड़कंप मच गया। सब लोग अपने-अपने बच्चों को तलाश करने लगे। हथौड़ा निवासी ग्राम विकास अधिकारी नगेंद्र की पांच वर्षीय बेटी आराध्या और यहीं के बैंक कर्मचारी अभिषेक की पांच वर्षीय बेटी आयरा भी गुम थी। सभी ने आस-पास बच्चों को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं लगा। एक साथ देर रात छह बच्चे लापता होने से पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया।
कॉलोनी के तमाम लोग भी बच्चों को तलाश करने में जुट गए। देर रात करीब 10 बजे कुछ लोगों को हथौड़ा चौराहे के पास एक ई-रिक्शा दिखा। इसमें बच्चे बैठे हुए थे। इन लोगों ने ई-रिक्शा रोक लिया। सूचना पर पुलिस और कॉलोनी के अन्य लोग भी आ गए। लोगों ने ई-रिक्शा चालक को पीट भी दिया। बाद में उसे मौके पर पहुंची पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बच्चे डरे और सहमे हुए थे। ई-रिक्शा चालक का नाम शोएब बताया जा रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। नरेंद्र और अरुण की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है।
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चालक बोला- जिद करने पर बच्चों को रिक्शा में बैठाया
शाहजहांपुर। पुलिस हिरासत में लिए गए रिक्शा चालक का कहना है कि बच्चे घूमने की जिद कर रहे थे। इस वजह से उसने उन्हें ई-रिक्शा में बैठा लिया। उसने बताया कि वह कैलाशनगर कॉलोनी में नामकरण कार्यक्रम में कुछ लोगों को छोड़ने गया था। जब लौट रहा था तभी कुछ बच्चों ने उसे रोक लिया और घुमाने की बात कही। बच्चों का मन रखने के लिए उसने इनको ई-रिक्शा में बैठा लिया और हथौड़ा चौराहे की ओर आ गया। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर पड़ताल कर रही है। ई-रिक्शा चालक शोएब का कोई अपराधिक इतिहास भी नहीं है।

सभी बच्चे मिल गए हैं। हिरासत में लिए गए ई-रिक्शा चालक से पूछताछ की जा रही है। उसका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। बच्चों और उनके परिवार वालों से भी बात की गई है। मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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डीसी शर्मा, इंस्पेक्टर रोजा
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