फोटो 27,परौर-कुडनी मार्ग पर बाढ़ में बही पुलिया।
फोटो-28, परौर में कच्चे रास्ते से जाने के दौरान ट्रक पलट गया।
फोटो-35, मिर्जापुर क्षेत्र में कटान स्कूल तक पहुंचा।
फोटो-36,मिर्जापुर में नदी का पानी गांव किनारे पहुंचा।
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बाढ़ की आशंका में सुरक्षित ठिकानों पर पलायन को मजबूर ग्रामीण
भैंसार बांध पर गंगा 142.95 मीटर पर स्थिर, रामगंगा में बढ़ रहा पानी
शुक्रवार को 31.4 मिमी बरसात से शहर में खन्नौत दस सेमी उफनाई
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/मिर्जापुर/परौर। झमाझम बरसात के साथ बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी शुक्रवार को भी जारी रहने से जलालाबाद और कलान तहसील में गंगा रामगंगा में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, बीते 24 घंटे के मुकाबले भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 142.95 मीटर पर स्थिर है, लेकिन रामगंगा बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं। इस बीच नरौरा से एक लाख क्यूसेक और अन्य बैराजों से 13178 क्यूसक पानी की निकासी से दोनों नदियों में जल स्तर बढ़ने के आसार हैं। इसे देखते हुए मिर्जापुर और परौर क्षेत्र में नदियों के तटवर्ती गांवों के बाशिंदे सुुरक्षित ठिकानों पर पलायन को मजबूूर होने लगे हैं। इस बीच, शुक्रवार को हुुई 31.4 मिमी बरसात से शहर के समीप खन्नौत नदी दस सेमी बढ़कर 143.60 मीटर पर पहुंच गई है।
परौर-कुडनी मार्ग पर बाढ़ में बही पुलिया, मार्ग अवरुद्ध
रामगंगा में आई बाढ़ के कारण परौर-मिर्जापुर मार्ग पर कुडनी गांव के पास पुलिया का एक हिस्सा टूटकर पानी में बह गया। पुलिया का सिर्फ पाइप लगा रह गया है और पानी उसके ऊपर से निकल रहा है। पुलिया टूटने से कुडनी, कुडनी आश्रम, कुनिया, नौवाबाद आदि के सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। कुडनी आश्रम में प्राथमिक स्कूल भी बंद हो गया क्योंकि पुलिया टूटने सेे वहां न तो बच्चे पहुंच पा रहे और न ही शिक्षक। गांव के कुलदीप शुक्ला, रामप्रकाश सिंह, अवधेश शुक्ला, मनोज मिश्रा, मसरूर खां, मोती लाल मिश्रा आदि ने प्रशासन से पुलिया जल्द निर्मित कराने की गुहार लगाई है।
कटान के कगार पर पहुंचा हरिहरपुर का प्राथमिक स्कूल
रामगंगा में पहाड़पुर गांव के निकट सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए जिओ ट्यूब के ऊपर से बाढ़ का पानी ओवर फ्लो होकर लगातार नदी के पुराने बहाव मार्ग पर आ रहा है। तटवर्ती गांव कुनिया, हरिहरपुर, पहरुआ और मौजमपुर में बाढ़ की स्थिति बनती जा रही है। रामगंगा की पुरानी धारा में बढ़ रहे बाढ़ के पानी से हरिहरपुर गांव में बना प्राथमिक विद्यालय भवन के नीचे मिट्टी कट गई है और स्कूल की आधी बिल्डिंग लटक गई है। स्कूल में सिर्फ एक कक्ष बचा है,जो नदी से बमुश्किल डेढ़ मीटर के फासले पर है। गांव के लोकनाथ, रामसेवक, बांकेलाल आदि का कहना है कि बीते दिन डीएम अमृत त्रिपाठी ने इसी तरह कटान के दायरे में आए पहरुआ गांव के प्राथमिक स्कूल भवन को निष्प्रयोज्य करवाकर अन्यत्र शिक्षण कार्य करवाने के निर्देश दिये थे, लेकिन इस स्कूल भवन में अभी भी पढ़ाई होने से बच्चों की जान को जोखिम बना हुआ है।
आजादनगर के प्रभावित परिवारों को नहीं मिल रहा ठिकाना
गंगा नदी का वेग शुक्रवार को स्थिर रहने से हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलने के आदी हो चुके मिर्जापुर और कलान के तटवर्ती गांवों के ग्रामीण थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनमें बाढ़ का भय बरकरार है। ग्राम प्रधान फारुख अली और यूसुफ अली ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के आश्रय के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है जो स्थान बाढ़ पीड़ितों के लिए उपयुक्त हैं, उन पर विवाद है जिससे बाढ़ से घिरे आजादनगर के बाशिंदे गांव में ही रहने को मजबूर हैं। प्रधान के अनुसार ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वे अधिकारियों से मिलकर नाव आदि की व्यवस्था कराने में जुटे हैं।