शाहजहांपुर। आर्य महिला महाविद्यालय और स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में हुई गोष्ठियों में वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को संविधान की स्थापना, उसके उद्देश्य और महत्ता के बारे में उपयोगी जानकारी दी। कहा, कि संविधान में समानता का अधिकार है। इसे युवाओं को समझना चाहिए।
आर्य महिला महाविद्यालय में हुई गोष्ठी में प्रबंधक अमितेश अमित ने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे अच्छा संविधान है। इसकी विशेषता यह है कि यह जन-साधारण का संविधान है। सभी को समानता का अधिकार दिया गया है। हमारे संविधान में मताधिकार का खास महत्व है। प्राचार्य डॉ. कनक रानी ने कहा कि देश के संविधान में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की भावना को प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें प्रत्येक नागरिक को अपना स्वतंत्र विकास करते हुए, दूसरे के विकास में सहायक बनने का कर्तव्य निभाने की मूल भावना निहित है।
इस अवसर पर डॉ. शचि अग्रवाल, डॉ. संजीता अग्रवाल के अलावा वैशाली, अंजली मिश्रा, उपासना गौतम, शिवानी गुप्ता, ऐमन, सुमइया खान, सुप्रिया सिंह, अर्चना यादव आदि छात्राओं ने भी विचार रखे। डॉ. रुचि द्विवेदी के संचालन में हुई गोष्ठी में डॉ. मधु जैन, डॉ. संतोष सक्सेना, डॉ. नमिता किशोर, डॉ. रूपांशु माला, डॉ. दुर्गावती सिंह, डॉ. अरुण कांत पांडेय, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. आलोक दीक्षित आदि मौजूद रहे। उधर, एसएस लॉ कॉलेज में हुई गोष्ठी में एसएस कॉलेज के डॉ. आदित्य कुमार सिंह, डॉ. अनुराग अग्रवाल, नलनीश चंद्र सिंह, हरिचरण सिंह यादव आदि ने संविधान के बारे में उपयोगी जानकारी दी। अमित यादव के संचालन में हुई गोष्ठी में प्राचार्य डॉ. संजय बरनवाल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. दीप्ति गंगवार, डॉ. रघुवर सिंह, अनिल कुमार, अशोक कुमार, विजय सिंह, पवन गुप्ता, रंजना खंडेलवाल, अजीत कुमार, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।