पुवायां (शाहजहांपुर)। कथा व्यास पूजा देवी ने कहा कि जिस पर सत्य स्नेह होता है उसके मिलने में कोई संदेह नहीं होता है।
गांव नगरिया भटियुरा के ब्रह्मदेव बाबा स्थल पर चल रही रामकथा में बुधवार को प्रवचन करते हुए उन्होंने पुष्प वाटिका प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि मुनि विश्वामित्र ने राम-लक्ष्मण को पूजा के लिए पुष्प लेने राजा जनक की वाटिका भेजा। वहां सीता जी भी माता गौरी की पूजा करने आई थीं। भगवान राम को देखकर माता सीता ने उन्हें पति रूप में पाने को माता की पूजा की। धनुष यज्ञ के दौरान तमाम महाबली राजा धनुष को सिर्फ इसलिए नहीं तोड़ सके क्योंकि माता सीता का सत्य स्नेह भगवान राम पर था। बाद में भगवान ने धनुष को तोड़ कर माता सीता से विवाह किया।
कथा के दौरान कलाकारों ने झांकी भी प्रस्तुत की। कथा में ब्रह्मदेव मेला समिति के राजकुमार सिंह, सुभाष सिंह, रमणीक सिंह, गजराज सिंह, विजय बहादुर सहित आदि ने सहयोग किया।