शाहजहांपुर। नये वित्त वर्ष 2019-20 मेें जिला पंचायत की ओर से मुख्यालय समेत ब्लॉक स्तर पर 37.09 करोड़ रुपये की लागत से विकास और निर्माण से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। विकास भवन सभागार मेें शनिवार को हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किए गए मूल अनुमानित बजट को सदन ने सर्व सम्मति से अनुमोदित कर दिया। इस मौके पर नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदस्यों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल, बिजली आदि से संबंधित मांगों और समस्याओं पर चर्चा के दौरान विभागीय अधिकारियों को सवालों के कटघरे में खड़ा कर उन्हें अपनी कार्य प्रणाली सुधारने की चेतावनी दी।
इससे पूर्व, जिला पंचायत के अपर मुुख्य अधिकारी महावीर सिंह ने चालू वित्त वर्ष में 69.55 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट, आगामी वित्त वर्ष के लिए मनरेगा के 1.46 अरब रुपये के बजट और विकास खंड स्तर से प्राप्त 50.4 अरब रुपये के कार्य प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे, जिन्हें आम सहमति से अनुमोदित कर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य राकेश मिश्रा ने विकास खंड कांट के ग्राम रामनगर, भैंसी एवं बहादुरपुर में विद्युतीकरण कराने पर जोर दिया और कुर्रिया कलां नहर में पानी नहीं आने की शिकायत की। एमएलसी जयपाल सिंह के प्रतिनिधि एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पाल यादव ने नगर विकास मंत्री से कलान क्षेत्र के गांव लक्ष्मणपुर में सोत नदी पर पुल बनवाने का अनुरोध किया।
विधान परिषद सदस्य अमित यादव रिंकू ने गढ़िया रंगीन के जूनियर हाईस्कूल की चहारदीवारी गिरने का मामला उठाया और स्कूलों में लगाए गए इंडिया मार्क हैंड पंपों की एक सप्ताह में सूचना मांगी। जिला पंचायत सदस्य ब्रजेंद्र सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी पर स्कूलों की देखरेख में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जांचोंपरांत उचित कार्रवाई की मांग की। बैठक में विधायक मानवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, जिला पंचायत सदस्य प्रियंका सिंह, प्रमोद यादव, हरिश्चंद्र, कई ब्लॉक प्रमुख आदि मौजूद रहे।
ग्रामीण विद्युतीकरण में लापरवाही पर बरसे मंत्री खन्ना
जिला पंचायत की बैठक में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना का पारा उस वक्त हाई हो गया, जब सदस्यों ने पावर कारपोरेशन के अभियंताओं पर ग्रामीण विद्युतीकरण में लापरवाही बरतने के साथ उच्चाधिकारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। सदस्यों का कहना था कि विद्युतीकृत सूची में शामिल किए गए कई गांवों में तमाम मकान छोड़ दिए गए हैं। बैठक में मौजूद पावर कारपोरेशन के एक्सईएन (पुवायां) रामलाल और एक्सईएन (जलालाबाद) अनिल पांडेय ने बताया कि गांवों में आबादी का विस्तार होने के कारण ग्रामीण रोड के किनारे की कृषि जमीनों पर अपने मकान बना रहे हैं। इसलिए विद्युतीकरण के बाद में बनने वाले मकानों तक पोल लगाकर लाइनें तैयार करने का काम नहीं हो सका। एक्सईएन ने ग्रामीण विद्युतीकरण की कार्यदायी संस्थाओं में आपसी सामंजस्य की कमी को भी अधूरे विद्युतीकरण के लिए जिम्मेदार ठहराया। नगर विकास मंत्री ने ऐसे सभी गांवों में दो दिन के अंदर निरीक्षण कर वहां के सभी घरों तक बिजली लाइन पहुंचाने के निर्देश दिए।