बाढ़पीड़ितों के दुखदर्द से केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्री बेपरवाह
जन प्रतिनिधियों की बेरुखी से प्रभावित परिवारों में बढ़ रही नाराजगी
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गंगा और रामगंगा में उफान जारी रहने से जलालाबाद और कलान तहसील में चारों ओर पानी से घिरे तटवर्ती गांवों केे हजारों बाशिंदों का जीवन संकट में पड़ गया है लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्रियों को बाढ़ पीड़ितों के दुखदर्द की कोई परवाह नहीं है। प्रभावित इलाकों में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि फसलों समेत कटान से नदी में समा चुकी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री के नाते जिले की सांसद कृष्णा राज और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने किसानों के आंसू पोंछने की जरूरत महसूस नहीं की। प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को खाद्य रसद, दवाएं और पशु चारा नहीं मिलने से बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे दोआब क्षेत्र के ग्रामीण
जलालाबाद। रामगंगा तथा बहगुल नदियों के बीच जलमग्न गांवों के लोग पानी बढ़ने से परिवार समेत ऊंचे स्थान की और पलायन कर रहे हैं। चारों और पानी से घिर चुके लोगों को जीवन यापन के साथ ही बीमार बुजुर्गों और पशुओं की देखभाल कर पाना बड़ी चुनौती बन गई हैं। उधर, लगातार हो रही बारिश ने हालात और बदतर बना दिए हैं। खंडहर का पूरा इलाका पहले से ही पानी से घिरा हुआ था, अब नगर से सटे गावों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। गांव मड़ैया गुजरान और मड़ैया हवा के लोग परिवार सहित दूर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। दवा आदि न मिल पाने से बीमार व बुजुर्ग भगवान के भरोसे हैं जबकि हरे चारे तथा भूसे की किल्लत से जानवरों का बहुत बुरा हाल है।
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कटरा-बिल्हौर स्टेट हाईवे तक पहुंचा पानी
अल्हागंज। उफनाई रामगंगा से क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर पानी बहने लगा है। धान, मक्का, उड़द, तिल की फसलें डूब जाने से किसान बहुत परेशान हैं। गांव भरभौली, जरा, रहीमपुर, चंपतपुर, टिकुरा, बिचपुरिया, अशरफपुर, मिघौल, बानगांव वजीरपुर, नदी पार रावतपुर, दहेना, मनिहार, गोरा, बथुआ आदि में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मऊ शाहजहांपुर तथा हुल्लापुर के बीच डामर संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है। गांव दहेना के पास कटरा-बिल्हौर स्टेट हाईवे के नजदीक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। मनिहार गांव के बिल्कुल किनारे से बाढ़ का पानी टकरा रहा है और भरभौली गांव बाढ़ के टारगेट पर है। बाढ़ की स्थिति देखते हुए प्रशासन ने इन गांवों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से बाढ़पीड़ित आहत
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परौर में जन प्रतिनिधियों की बेरुखी से क्षेत्र के लोग बेहद आहत हैं। बाढ़ और कटान से गांव बिचपुरी, मोहनपुर मंझा आदि में भारी तबाही मच गई है। इन गांवों के सुखपाल गुर्जर, राजेंद्र कुशवाहा, मदनपाल सिंह, उदयवीर सिंह चंदेल, सत्यपाल राठौर, रामनिवास आदि काफी लोग संक्रामक रोगों की चपेट में हैं। बिजेंद्र प्रजापति, वीरपाल, राजीव सिंह, राजवीर चंदेल, रामसेवक प्रजापति, गनेश प्रजापति, अजय सिंह, झनकार यादव आदि के पशुओं में रोग फैल रहे हैं और उन्हें चारा-भूसा भी नसीब नहीं हो रहा है।
राशन के पैकेटों के लिए मच रही छीना-झपटी
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मिर्जापुर।
क्षेत्र में गंगा-रामगंगा की बाढ़ से स्थिति विकराल होती जा रही है। बाढ़ से चौतरफा घिरे ग्राम आजादनगर जाने वाले रोड पर तीन फिट तक पानी आ जाने से गांव तक पहुंचना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। बाढ़ पीड़ितों ने चौंरा-भगवानपुर रोड पर पन्नी के आशियाने बना लिए हैं। अतरी निजामपुर के बाढ़पीड़ित गांव के प्राथमिक स्कूल में शरण लिए हुए हैं। प्रशासन ने राहत के नाम पर बीघापुर गांव में 50 तथा आजादनगर और इस्लामनगर के पीड़ितों को 110 राशन के पैकेट वितरित कराए हैं। पीड़ितों के अनुसार पैकेट में दस किलो आटा मिला, लेकिन ईंधन के अभाव में खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। अतरी निजामपुर में अभी तक राशन भी नहीं बंटा है। बीघापुर के गुरुबख्श सिंह के अनुसार राशन के पैकेट उन्हीं लोगों को मिल रहे हैं, जो छीन झपट लेते हैं।
बाढग़्रस्त क्षेत्रों में आज पहुंचेंगी केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णा राज शनिवार को सुबह नौ बजे सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अंगीकृत कलान ब्लॉक के खजुरी गांव का दौरा करेंगी। बाद में जलालाबाद तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में जाकर प्राकृतिक आपदा और उससे हुए नुकसान का जायजा लेंगी। उनके निजी सचिव रंजन मुखर्जी ने बताया कि दोपहर को केंद्रीय राज्यमंत्री जिला मुख्यालय पर लौटकर कई अन्य कार्यक्रमों मेें भाग लेंगी और रविवार को संसदीय क्षेत्र का भ्रमण करेंगी।