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कटरी में गंगा-रामगंगा स्थिर, गर्रा घटने से भूमि कटान तेज

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कटरी में गंगा-रामगंगा स्थिर, गर्रा घटने से भूमि कटान तेज
तिलहर क्षेत्र के भुंडी घाट पर पुल बहने से आवागमन बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर-परौर। बारिश के वेग में कमी आने के साथ बैराजों से पानी की निकासी घटने के बावजूद जलालाबाद और कलान तहसील के कटरी क्षेत्र में गंगा-रामगंगा के तटीय गांवों से बाढ़ का खतरा टला नहीं है। दोनों नदियों का जल स्तर गत 24 घंटे सेे स्थिर होने के साथ रामगंगा से भूमि कटान भी जारी है। बीते 48 घंटे में गर्रा 1.80 मीटर घटकर 145.85 मीटर पर आ गई है, लेकिन इसी के साथ तिलहर और सदर तहसील में नदी के तटवर्ती गांवों में कृषि भूमि का कटान तेज हो गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि अन्य बैराजों से पानी की मात्रा दो हजार क्यूसेक बढ़ जाने से रामगंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी के आसार हैं।
गत बृहस्पतिवार को ड्यूनी डॉम से 60 हजार क्यूसेक पानी रिलीज होने से गर्रा नदी में करीब दो मीटर उफान आ गया था। नदी में आई बाढ़ से तिलहर तहसील के खुदागंज ब्लॉक और सदर तहसील में भावलखेड़ा, ददरौल ब्लॉक के तमाम गांव पानी से घिर गए थे। खुदागंज क्षेत्र के जमीलापुर, भाऊपुर, रामेश्वरगंज आदि गांवों में हालात अभी तक नहीं सुधरे क्योंकि पानी उतरनेे के साथ नदी तमाम किसानों की उपजाऊ जमीन काट रही है। भुंडी घाट का पैंटूून पुल बह जाने से करीब दो दर्जन गांवों का आवागमन अभी तक प्रभावित है।
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उधर, मिर्जापुर और जलालाबाद तहसील मेें गंगा-रामगंगा के तटवर्ती गांव परौर, जरियनपुर, पहरुआ, हरिहरपुरा, कुनिया आदि गांवों के आसपास ठहरे बाढ़-बारिश के पानी से सड़ांध पैदा होने के साथ बच्चों बुजुर्गों में जुकाम, जाड़ा बुखार, उल्टी दस्त, बदहजमी आदि बीमारियां पनप रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर से पूरी तरह उदासीन है। क्षेत्र के सीएचसी और पीएचसी पर भी तमाम जरूरी प्राथमिक दवाओं का अभाव बना हुआ है।
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आंगनबाड़ी वर्करों को दिलाएं बकाया मानदेय
शाहजहांपुर। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के जिला प्रभारी केके वैश्य ने डीएम अमृत त्रिपाठी को ज्ञापन देकर जिले की आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं को चार माह से बकाया मानदेय का भुगतान शीघ्र कराने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग के अधिकारी सही बात नहीं बताते और मानदेय नहीं मिलने से तमाम वर्करों के सामने घोर आर्थिक संकट पैदा हो गया है इसलिए रक्षाबंधन से पूर्व मानदेय भुगतान कराकर राहत दिलाएं।
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