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नभीची में पानी की टंकी पर चढ़े गांव के 12 युवक

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बंडा/देवकली (शाहजहांपुर)। गांव नभीची में बृहस्पतिवार को ब्लेड वाले तार की बाड़ पर रोक लगाए जाने, गोशाला निर्माण कराने और बंदरों को जंगल में छुड़वाने की मांग को लेकर एक दर्जन युवक पानी की टंकी पर चढ़ गए। छह घंटे बाद बमुश्किल युवकों को नीचे उतारा जा सका।
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गांव नभीची के संतोष सिंह, मेवाराम, जितेंद्र, रोहित, रीतेश, सतीश कुमार, संजय, नवीन, अरविंद, अंकित आदि युवक बृहस्पतिवार दिन 11 बजे गांव में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। जानकारी पाकर टंकी के पास गांव के लोगों की भरी भीड़ जमा हो गई। मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई, लेकिन पुलिस पांच घंटे बाद चार बजे मौके पर पहुंची। टंकी पर चढ़े युवकों ने एक वीडियो बनाकर नीचे खड़े लोगों के मोबाइल में भेजा। वीडियो में आरोप था कि प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। खेतों में ब्लेड के तार की बाड़ लगाई जा रही है, जिससे कट कर पशुओं की मौत हो रही है। इस पर तत्काल रोक लगे औैर क्षेत्र में पशुओं के लिए गोशाला का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा गांव में उत्पात मचा रहे बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छोड़ा जाए। युवकों ने बताया कि उक्त मामले से अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, मजबूरन उन्हें पानी की टंकी पर चढ़ने पर मजबूर होना पड़ा। युवकों ने चेतावनी दी कि सुनवाई नहीं हुई और उन्हें जबरिया उतारने का प्रयास किया गया तो वह टंकी से कूद कर जान दे देंगे।
मौके पर पहुंचे दरोगा आशुतोष रघुवंशी ने गांव के लोगों के माध्यम से युवकों का समझाया कि उक्त समस्याओं का समाधान डीएम, एसडीएम के स्तर से हो सकता है। गांव के लोगों के समझाने पर शाम पांच बजे युवक टंकी से नीचे उतरे, इसके बाद पुलिस और गांव के लोगों ने चैन की सांस ली।
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