शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में काम के दबाव समेत कई तरह की दुश्वारियों के चलते डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे हैं। अगस्त से अब तक दस डॉक्टरों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। डॉक्टरों के नहीं होने से कई योजनाएं अधर में लटक गई हैं। विभाग ने नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
जिले में 15 सीएचसी, 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन होता है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाएं संचालित हैं, जो डॉक्टरों पर ही निर्भर हैं। विभाग में तैनाती पाने के बाद डॉक्टर ही मैदान छोड़ने लगे हैं। ग्रामीण व शहरी स्तर पर स्टाफ की कमी के चलते काम का दबाव और मेडिको लीगल के चलते कचहरी के चक्कर लगाने से बचने को नौकरी से इस्तीफा दे रहे हैं।
अक्तूबर, 2024 से अभी तक शहरी क्षेत्र में तीन डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया। इसके अतिरिक्त पुवायां में मेडिकल अधिकारी, टेलीमेडिसिन, पोषण पुनर्वास केंद्र, ब्लड बैंक और सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट में तीन डॉक्टर भी नौकरी छोड़ गए हैं। इन डॉक्टरों के जाने के बाद स्थिति काफी खराब हो गई। कुछ अस्पताल भी डॉक्टर विहीन होने से वहां पर फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई है।
अधिकारियों की मानें तो आयुष के 45 डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उनकी नियुक्ति होने की संभावना है।
कुल डॉक्टरों की स्थिति
362 पद स्वीकृत।
179 ही डॉक्टर तैनात।
184 पद रिक्त हैं।
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