फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1.30 करोड़ मार्जिन मनी टर्म लोन दबाए लाभार्थी

Fri, 11 Sep 2015 10:03 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की ओर से जिले के करीब एक हजार से अधिक लाभार्थियों को मार्जिन मनी और टर्म लोन के तहत एक दशक पहले दी गई दो करोड़ रुपये की धनराशि में अभी तक केवल 70 लाख रुपये की ही वसूली हो पाई है। शेष 1.30 करोड़ रुपये वसूलने के लिए निगम के मंडलीय प्रभारी जेएस मुसाफिर शुक्रवार को यहां पहुंचे। उन्होंने 40 लाभार्थियों से आंशिक भुगतान के तौर पर 80 हजार रुपये जमा कराए। साथ ही रकम की अदायगी नहीं करने वाले लाभार्थियों पर सख्ती करते हुए उन्हें आरसी जारी कराने की चेतावनी दी।
विज्ञापन

बाद में कलक्ट्रेट के अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए मुसाफिर ने कहा कि तमाम लाभार्थियों को यह भ्रम है कि मार्जिन मनी और टर्म लोन के तहत धनराशि अनुदान के तौर पर स्वीकृत हुई और उसकी वापसी नहीं करनी है। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों की इसी गलतफहमी को मिटाने के लिए शुक्रवार को सुबह ऐमनजई जलालनगर का दौरा करके वहां के ऋण लाभार्थियों से संपर्क किया।
मंडल प्रभारी ने बताया कि वर्ष 1995 से लेकर 2006 तक जिले में 744 आवेदकों को टर्म लोन और 340 लाभार्थियों को मार्जिन मनी मद में निगम ने करीब दो करोड़ रुपये की ऋण राशि स्वीकृत की। इस बीच, तमाम लाभार्थियों ने करीब 70 लाख रुपये की अदायगी कर दी, लेकिन शेष रकम नहीं मिलने टर्म लोन के करीब 150 लाभार्थियों को नोटिस जारी करके ऋण राशि की अदायगी जल्द नहीं करने पर आरसी के आधार पर राजस्व विभाग से वसूली कराने की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन

आरसी जारी करने की समय सीमा पूछे जाने पर मंडल प्रभारी ने कहा कि लाभार्थियों को परेशान करना निगम  का इरादा नहीं है। इसीलिए बाकीदारों से कहा गया है कि वे देय रकम किश्तों में चुकाने की शुरुआत कर दें। कई लाभार्थियों ने इस पर अमल भी किया है। जो लाभाञर्थी ऋण की आंशिक अदायगी के प्रस्ताव की अनदेखी करेंगे, उनके रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करके सख्ती से वसूली की जाएगी।

मंडल प्रभारी मुसाफिर पर नौ जिलों का प्रभार
दो दशक पहले दिए गए ऋण की अदायगी में देरी की वजह पूछे जाने पर मंडलीय प्रभारी मुसाफिर ने स्पष्ट किया कि उनके पास बरेली और मुरादाबाद के नौ जिलों का प्रभार होने के कारण सभी जनपदों में नियमित भ्रमण नहीं हो पाता। मुसाफिर ने कहा कि जिला मुख्यालयों के दौरों के अतिरिक्त कोर्ट केस भी निपटाने पड़ रहे। उन्होंने माना कि इस वजह से उनका अधिकांश समय मुसाफिर नाम के अनुरूप सफर में ही बीत जाता है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें