मेंहदावल। थाना क्षेत्र के जमुअट मोहल्ले में तीन माह पहले हुई मारपीट की घटना में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर मेंहदावल पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जमुअट निवासी वीरबल ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में जानकारी दिया कि 16 मई की शाम करीब पांच बजे वह घर में सो रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव के संतोष, ललित, लाडली और सोनू गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए और लोहे की पाइप तथा साइकिल के गियर से हमला कर दिया। शोर सुनकर बचाव के लिए पहुंचे उसके भाई मुनाज और मां रेशमा के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि हमले में उसके हाथ की एक अंगुली फ्रैक्चर हो गई, जबकि अन्य लोगों को भी गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद उसने मेंहदावल थाने में तहरीर दी और मेडिकल परीक्षण भी कराया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट थाने में ही रख ली गई और उसे कई दिनों तक थाने के चक्कर कटवाए गए। इतना ही नहीं, बाद में उसका ही चालान कर दिया गया।
पुलिस से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने मेंहदावल पुलिस को आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।