- मेंहदावल नगर में पाकिस्तानी मौलाना की तस्वीर लगे होर्डिंग का मामला
- नोटिस देने की तैयारी में पुलिस
- अधिकारियों से शिकायत, बयान से कर रहा परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित एक वार्ड में बरावफात के दिन पाकिस्तानी मौलाना की तस्वीर लगे होर्डिंग का मामला उजागर करने वाले युवक ने जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने मेंहदावल पुलिस को जांच कर कार्रवाई तथा आख्या देने के लिए कहा था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत गया शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के लिए पुलिस परेशान है। शिकायतकर्ता बयान दर्ज करने से परहेज कर रहा है। ऐसे में पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
मेंहदावल नगर के ठठराही हरदीहट्टा वार्ड में बारावफात के अवसर पर मोहल्ले के कुछ लोगों द्वारा एक होर्डिंग लगाई गई थी। जिसमें दो पाकिस्तान मौलाना की भी तस्वीर लगी थी। मोहल्ले के ही आशीष कुमार ने मामले को उजागर करते हुए पुलिस अधिकारियों को ट्वीट किया था। जिस पर पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेजा। 24 सितंबर को मामले को उजागर करने वाले युवक आशीष कुमार ने पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता को प्रार्थना पत्र देकर जान माल की धमकी देने का आरोप लगाया लेकिन प्रार्थना पत्र में जान माल की धमकी देने वाले लोगों का नाम उजागर नहीं किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने मेंहदावल पुलिस को गहनता के साथ जांच करते हुए कारवाई कर एक सप्ताह में आख्या तलब किया था। एसपी के निर्देश पर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। कई बिंदुओं पर पुलिस गहराई से जांच कर रही है लेकिन प्रार्थना पत्र देने वाले आशीष कुमार का बयान दर्ज न हो पाने के कारण मामला अधर में लटका हुआ है। पुलिस प्रार्थना पत्र देने वाले युवक के घर पर कई बार जाने के साथ ही मोबाइल पर भी संपर्क किया लेकिन आशीष कुमार बयान दर्ज करने से परहेज कर रहे हैं। जिसके कारण पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
अब पुलिस आशीष कुमार का बयान दर्ज करने के लिए नोटिस देने की तैयारी में है। जिससे उनका बयान अंकित करते हुए पुलिस अपनी कार्रवाई कर जांच आख्या एसपी को भेज सके। इस मामले में थानाध्यक्ष रामकृपाल सिंह ने बताया कि एसपी के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है लेकिन यह जांच इसलिए पूरा नहीं हो पा रही है क्योंकि प्रार्थना पत्र देने वाले आशीष कुमार का बयान अब तक अंकित नहीं हो पाया है। लगातार उनसे संपर्क किया जा रहा है और बयान के लिए उन्हें बुलाया भी जा रहा है लेकिन वह अपना बयान आने की बात कहने के बाद भी अभी तक नहीं मिला। बयान अंकित होते ही अपनी जांच आख्या एसपी को भेज दी जाएगी।