- पचास हजार रुपये अर्थदंड का आदेश
- अदा न करने पर एक वर्ष की सजा भुगतनी पड़ेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में दोषी पाए जाने पर एक युवक को बीस वर्ष सश्रम कारावास व पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्येंद्र शुक्ला, अभिमन्यु पाल, सत्य प्रकाश उर्फ टीटू ने बताया कि थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम की रहने वाली पीड़ित की मां ने धनघटा थाने में 31 जनवरी 2020 को तहरीर दिया कि उसके गांव के एक व्यक्ति के घर बरही था। कार्यक्रम में डीजे बज रहा था, उसकी पुत्री की उम्र करीब सात वर्ष है। डीजे देखने गांव के बाकी बच्चों के साथ चली गई। रात के करीब 8:30 बजे तक वापस नहीं आई तो उसे ढूंढने निकली। रात 11:00 बजे उसने गांव के मंदिर के पास पुत्री को बदहवास हालत में आते देखा। उसका हाथ पकड़ कर गांव का आरोपी खींचते हुए ला रहा था। देखते ही पुत्री को वहां फेंककर भाग गया। उसकी बेटी बहुत घबराई हुई थी।
बेटी ने बताया कि आरोपी जबरदस्ती उसके साथ गलत काम किया। हिम्मत करके उसने गांव के लोगों से कहकर पुलिस को फोन कराया। उसके पति मुंबई कमाने गए हैं। उसकी इकलौती बेटी है। आरोपी मौके से भाग गया। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम निवासी 24 वर्षीय युवक को दोषी साबित होने पर 20 वर्ष सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष की साधारण सजा भुगतनी पड़ेगी।