- युवाओं में मॉडिफाई बाइक का बढ़ रहा क्रेज
- बाइक के साइलेंसर से निकलता है धांय-धांय की आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। युवा वर्ग शौक के चक्कर में अपना कॅरिअर खराब तो कर ही रहा है, साथ ही जान भी गवां रहा है। फिल्मी स्टाइल में युवा बाइक मॉडिफाई कराकर चलते हैं और शहर भर में धांय-धांय का शोर करते घूमते हैं। इसके चलते आसपास के लोग तो एक बार सहम जाते हैं। बाद में पता चलता है कि आवाज बाइक से आ रही है। कई ऐसे हादसे इस बात की गवाही भी दे रहे हैं। शौक के चक्कर में हाथ-पैर तोड़वा कर कई युवा जिला अस्पताल में भी पहुंचे और इलाज कराया।
आज कल युवा वर्ग में महंगी बाइक रखने का चलन बढ़ता जा रहा है। शौक केवल बाइक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवा बाइक को मॉडिफाइ भी करा रहे हैं। इस पर काफी रकम भी खर्च हो रहा है। परिवार के लोग भी इसके लिए मना नहीं करते हैं और बाइक भी महंगी खरीद कर दे रहे हैं। ऐसे में युवा इन बाइकों को तेज रफ्तार चलाकर हादसे के शिकार हो रहे हैं।
यातायात पुलिस भी ऐसे बाइक सवारों का चालान करती है। माॅडिफाइड बाइक और तेज आवाज को लेकर सितंबर में 50 चालान हो चुके हैं। इसके बावजूद युवा वर्ग नहीं मान रहा है। हालांकि इसमें लोग अभिभावकों को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर युवाओं को इस तरह की बाइक न दी जाए तो हादसों में कमी लाई जा सकती है।
केस 1
बाइक तेज चलाने के चक्कर में टूटे दोनों हाथ
जिला अस्पताल में आर्थो सर्जन के पास आए धनघटा निवासी 28 वर्षीय सत्यम छह दिन पहले बाइक से जा रहे थे। धनघटा में ही बाइक अनियंत्रित हो गई और वह बुरी तरह से घायल हो गए। जब अस्पताल में इलाज के लिए आए तो दोनों हाथों में फैक्चर था। अब सत्यम को तीन माह तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। साथ ही उनकी दुकान का काम भी प्रभावित हो गया है।
केस 2
बाइक से हुए हादसे में टूटा पैर
मगहर के पास एक माह पहले बाइक से हुए हादसे में खलीलाबाद निवासी संदीप के पैर की हड्डी टूट गई। वह अभी घर पर ही है। चिकित्सकों ने उसे अभी आराम की सलाह दी है। साथ ही कम चलने को कहा है। संदीप गीडा स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। इस वजह से वह ड्यूटी नहीं जा पा रहे हैं।
केस 3
तेज रफ्तार बाइक ट्राली से टकराई, दोनाें हाथ चोटिल
महुली क्षेत्र के मुकुंदपुर में दो दिन पूर्व तेज रफ्तार बाइक की टक्कर एक ट्राॅली से हो गई। बाइक सवार बघौली निवासी अकसरूल का दोनों हाथ चोटिल हो गया। जिला अस्पताल पहुंचे तो उनके दोनों हाथों में पट्टी कर दी गई है।
केस 4
दोनों हाथ में चोट, काम पर नहीं जा रहे
कांटे के पास एक माह पूर्व सेमरियावां के रहने वाले राकेश बाइक से जा रहे थे। वह ट्रक में पीछे से जा भिड़े। राकेश ठेकेदारी करते हैं। हाल यह है कि उनके दोनों हाथ में चोट लगी है और चेहरे पर भी घाव के निशान हैं। वह काम पर भी नहीं जा पा रहे है और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
मॉडिफाइड बाइक में खर्च होता है 20 हजार से अधिक रकम
बाइक के मैकेनिक इम्तियाज ने बताया कि अगर बुलेट को मॉडिफाइ कराया जा रहा है तो उसमें सैलेंसर के साथ ही दोनों पहिये बदल दिए जाते हैं। हैंडिल भी नए तरीके का लगता है। लोग बुलेट में ऐसे साइलेंसर लगवा रहे हैं जो चलने पर काफी तेज आवाज करता है। लोगों की डिमांड के अनुसार ही सामान मंगाया जाता है। एक बाइक में 20 से 40 हजार तक रुपये खर्च होते हैं।
बोले डॉक्टर
अक्सर लोग दुर्घटना में अपने शरीर में चोट लेकर पहुंच रहे हैं। वाहन चलाते समय स्पीड पर नियंत्रण रखें। कई केस ऐसे आ रहे हैं जिसमे हाथ से लेकर पैर की हड्डी के छोटे-छोटे टुकड़े हो जा रहे हैं। ऑपरेशन के दौरान जोड़ने में काफी समस्या होती है। इस तरह के प्रतिदिन कोई न कोई मामला उनके पास आता है। ऐसे में लोग थोड़ी देर ही सही बाइक को धीरे चलाएं।
- डॉ. एलसी यादव, आर्थो सर्जन, जिला अस्पताल
मॉडिफाइड बाइक सवारों को रोका जाता है और उनका चालान भी किया जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस तरह की बाइक न चलाने दें। खास तौर पर कम उम्र के बच्चे इस तरह की हरकत ज्यादा कर रहे हैं और बाइक तेज रफ्तार चला रहे हैं। स्कूलों से चौराहों तक इसके लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का काम हो रहा है।
- परमहंस, यातायात प्रभारी