मगहर। कबीर मगहर महोत्सव की आखिरी शाम बालीवुड सिंगर अल्ताफ राजा के गीतों पर श्रोता थिरकते रहे। सोमवार देर रात महोत्सव का समापन हो गया।
समापन अवसर पर एडीजी जोन मुथा अशोक जैन, आईजी बस्ती संजीव त्यागी, डीएम आलोक और एसपी संदीप कुमार मीना ने महोत्सव का समापन किया। इससे पूर्व कलाकारों को एडीजी जोन ने स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम की शुरुआत बालीवुड अभिनेत्री व गायिका दीक्षा अग्निहोत्री के गाए गीत ...मेरी आवाज तेरी पहचान है... से हुई। इसके बाद उन्होंने सूफी भजन ...लाल मेरी पति रखियो भला मेरी...बोल दमादम मस्त कलंदर, अली का पहला नम्बर...को सुरीली आवाज में पेश किया तो पंडाल तालियों से गूंज उठा।
बॉलीवुड गायक कलाकार अल्ताफ रजा ने ...लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों हैं हसीन इतना डरते हैं तो घर से निकलते क्यों हैं...शेर के साथ शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ...आवारा हवा का झोंका हूं और निकला हूं पल दो पल के लिए...सुनाया तो श्रोता झूम उठे।
इसके बाद उन्होंने ...आने से उसके आए बहार, जाने से उसके जाए बहार बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा..., मेरे ख्वाबों की शहजादी मैं हूं अकबर इलाहाबादी..., ...जो मेरी रूह को चैन दे प्यार दे, ओ खुशी बन गए हो तुम, जिंदगी बन गए हो तुम... सुनाया। इसके बाद उन्होंने ...हम ओ दीवाने हैं जो ताजा हवा लेते हैं, खिड़कियां खोल के मौसम का मजा लेते हैं...सुनाकर माहौल को ऊंचाई दी। इसके बाद ...दिल सच्चा और चेहरा झूठा..., ...तेरी अदा वाह वाह क्या बात है..., ...सूरत आपकी सुभाननल्लाह...,। मेरी जोहरा जबीं तुझे मालूम नहीं तू अभी तक है हंसीं मैं जवां..., ...हमें तो लूट लिया मिल के हुस्न वालों ने, काले काले बालों ने...सुनाकर माहौल में रंगीनी भर दी। उन्होंने अपने मशहूर गाने ...तुम तो ठहरे परदेशी साथ क्या निभाओगे...सुनाकर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
समापन अवसर पर एडीजी ने कहा कि सात दिनों तक चले महोत्सव में हर दिन कुछ न कुछ लोगों का मनोरंजन हुआ है। यहां के आयोजक प्रशासन ने काफी मेहनत की, जिससे महोत्सव पूरी तरह से सफल हुआ है।
एडीएम जय प्रकाश, नूरुज्जमा अंसारी, अवधेश सिंह, अधिशासी अधिकारी वैभव सिंह आदि मौजूद रहे।
मगहर महोत्सव के समापन पर स्मारिका का विमोचन करते एडीजी जोन गाेरखपुर-संवाद