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पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासकों के जरिए कराए गए कार्यों की होगी जांच

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पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासकों के जरिए कराए गए कार्यों की होगी जांच
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डीएम ने सभी ब्लॉकों के लिए तीन सदस्यीय कमेटियों का गठन कर जांच का दिया आदेश
दुधारा। पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं 15वें वित्त से कराए गए कार्यों की जांच होगी। डीएम ने जिले के सभी ब्लॉकों में तीन-तीन सदस्यीय टीमें गठित करके जांच करने के निर्देश दिए हैं। टीम को जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करना है।
बता दें कि ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार समाप्ति के बाद 31 दिसंबर 2020 को डीएम ने एक आदेश जारी कर जिले के सभी विकास खंडों में अति आवश्यक विकास कार्यों के संचालन के लिए प्रशासक नामित किया था। मेंहदावल विकासखंड में सहायक विकास अधिकारी आईएसबी और बाकी सभी विकास खंडों में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत को संबंधित विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में प्रधान एवं समितियों की समस्त शक्तियों कृतियों और कर्तव्यों के लिए प्रशासक बनाए गए थे। सभी को यह निर्देश दिए गए थे कि ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले प्रत्येक कार्यों पर व्यय होने वाली धनराशि के भुगतान के पूर्व कार्यों की पत्रावली एस्टीमेट, एमबी आदि का सुसंगत वित्तीय नियमों के अंतर्गत संबंधित खंड विकास अधिकारी, संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं प्रशासक, संबंधित अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण/लघु सिंचाई द्वारा परीक्षण किए जाने के उपरांत ही होने वाले उक्त धनराशि के भुगतान की कार्यवाही नामित प्रशासन द्वारा की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देशानुसार पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण/मरम्मत कार्य प्रथम वरीयता पर कराया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायत में ऑपरेशन कायाकल्प, हैंडपंपों के रिबोर/मरम्मत कार्य, गो आश्रय स्थल से संबंधित कार्य एवं आगामी पंचायत निर्वाचन हेतु जारी होने वाले निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्यों को कराया जाएगा। डीएम ने शुक्रवार को एक पत्र जारी कर कहा है कि तमाम शिकायतों के माध्यम से संज्ञान में लाया गया है कि ग्राम पंचायत सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्वारा प्रशासक के रूप में कार्य करने की अवधि में विकास खंडों में प्रदत्त निर्देशों के क्रम में कार्य नहीं कराया गया है। ऐसे में जांच कराया जाना नितांत आवश्यक है। (संवाद)
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पंचायती राज निदेशक से हुई थी शिकायत
सेमरियावां निवासी सलीम उमर ने छह जून को पंचायती राज निदेशक को एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि सेमरियावा ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासक के रूप में तैनात एडीओ पंचायत शशि भूषण पांडेय ने विभिन्न ग्राम पंचायत सचिवों के साथ सांठगांठ करके नियम विरुद्ध कार्य करवाए और लाखों रुपये की अनियमितता की। शिकायती पत्र को संज्ञान में लेकर पंचायती राज निदेशक एसएन सिंह ने 22 जून को मुख्य विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। मामला जिला अधिकारी के संज्ञान में गया तो उन्होंने जिले के सभी ब्लॉकों में जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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अधिकारी करेंगे जांच
बघौली में उमाशंकर मिश्र जिला पंचायत राज अधिकारी, बेलहर कला में सत्येंद्र कुमार तिवारी भूमि संरक्षण अधिकारी कृषि, हैंसर बाजार में डॉक्टर ओपी मिश्र उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खलीलाबाद में सत्येंद्र कुमार सिंह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मेंहदावल में गिरीश कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक, नाथनगर में तन्मय पांडेय जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, पौली में पीसी विश्वकर्मा जिला कृषि अधिकारी, साथ में संतोष कुमार दुबे जिला उद्यान अधिकारी और सेमरियावा में लालचंद अधिशासी अभियंता नलकूप खंड को जांच मिली है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक अधिकारी के साथ संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी और संबंधित ब्लॉक में तैनात अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को शामिल कर प्रत्येक ब्लॉक में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी सात दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
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