संतकबीरनगर। जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी टंकियों के कार्य स्थल पर मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के ही काम कर रहे हैं। इससे उनकी सुरक्षा खतरे में है, जिम्मेदारों के ध्यान न देने के चलते खलीलाबाद क्षेत्र के एकम गांव में काम के दौरान सीढ़ी से उतरते समय एक मजदूर की गिरकर मौत हो गई।
इस तरह की असुरक्षा की स्थिति नाथनगगर और धनघटा इलाके में भी है। जहां मजदूर असुरक्षा के साए में काम कर रहे हैं। बस्ती के मंझरिया शुक्ला निवासी 19 वर्षीय कृष्णा पुत्र कमलेश जल जीवन मिशन के तहत एकमा गांव में बन रही पानी की टंकी पर मजदूरी कर रहा था। बुधवार को अचानक आंधी आ गई। बताया जा रहा है कि कृष्णा काम खत्म कर सीढ़ी के सहारे उतर रहा था, तभी तेज हवा के झोंके से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सहकर्मियों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए किसी तरह के इंतजाम नहीं किए गए थे। मजदूरों को न तो सेफ्टी बेल्ट दी गई थी और न ही हेलमेट, जिससे उनकी जान हमेशा खतरे में रहती है। इस घटना के बाद निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुकुंदपुर में जीवन खतरे में डाल काम कर रहे मजदूर
हरिहरपुर। नाथनगर ब्लाक के मुकुंदपुर गांव में हर घर नल जल योजना के तहत टंकी का निर्माण का कार्य चल रहा है। यहां भी मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे हैं। इससे पहले काम को अधर में छोड़ कार्यदायी संस्था नदारद हो गई थी। कुछ दिन पूर्व कर्मी पहुंचकर टंकी निर्माण का कार्य शुरू कर दिए हैं। अप्रैल 2023 में 1 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से शुरू हुई मुकुंदपुर गांव की पेयजल परियोजना से कुल 1,753 जनसंख्या की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का लक्ष्य है, लेकिन काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान जिम्मेदारों को नहीं है।
बैजनाथपुर में भी नियमों की अनदेखी
लोहरैया। बैजनाथपुर में जल जीवन मिशन के तहत एक साल से पानी की टंकी बन रही है। अभी भी कार्य अधूरा है। बोर्ड पर लागत या क्षमता की कोई भी सूचना दर्ज नहीं है। बताया जा रहा है कि यहां भी काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा के उपाय नहीं हैं। संवाद
कोट,
पानी टंकियों के कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा आवश्यक है। इसके लिए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया जाएगा।
-रविकांत चौबे, एसडीएम, धनघटा