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Sant Kabir Nagar News: 11 फैक्ट्रियों में काम ठप, 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित

Sat, 18 Mar 2023 06:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर

सार

विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के आह्वान पर दो दिन कार्य बहिष्कार के बाद बृहस्पतिवार की रात दस बजे से कर्मी 72 घंटे के हड़ताल पर चले गए हैं। इसके कारण आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। हड़ताल का सर्वाधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ा है।
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औद्योगिक क्षेत्र में बिजली न रहने के कारण बंद पड़ी सूत की फैक्ट्री।
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विस्तार
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 बिजली कर्मियों की 72 घंटे की हड़ताल की वजह से शुक्रवार की सुबह 10 बजे औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति अचानक बंद हो गई। उद्यमियों के अनुसार बिजली न मिलने से 50 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। बिजली आपूर्ति के लिए जिल में स्थापित 14 उपकेंद्रों में से 11 से आपूर्ति ठप हो गई है। हालांकि प्रशासन लगातार भ्रमण कर आपूर्ति बहाल कराने के लिए मशक्कत कर रहा हैं, लेकिन उनकी वैकल्पिक व्यवस्था फेल नजर आ रही है। 1100 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित है। इससे उपभोक्ताओं की मुसीबत बढ़ गई है। मोबाइल फोन चार्ज न होने से लोगों का एक-दूसरे से संपर्क कट गया है।

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के आह्वान पर दो दिन कार्य बहिष्कार के बाद बृहस्पतिवार की रात दस बजे से कर्मी 72 घंटे के हड़ताल पर चले गए हैं। इसके कारण आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। हड़ताल का सर्वाधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं की दिन का चैन और रात की नींद छीन गई है। जिन लोगों के पास इनर्वटर है, वह भी बंद हो गए हैं।

मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों का एक-दूसरे से संपर्क कट गया है। घरों की छत पर लगी पानी की टंकी खाली हो गई है। पंखा-कूलर शोपीस बन गए हैं। प्रशासन ने विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए आईटीआई व पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षुओं को लगाया है, लेकिन यह व्यवस्था भी फेल नजर आ रही है। मेंहदावल क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता रामफल, दिनेश सिंह, राम हित आदि ने बताया कि कई घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने बताया कि औद्यागिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप होने से जान्हवीं स्पीनर्स, बिस्कुट फैक्ट्री, फ्लोर मिल, शिव शक्ति थर्मो,गोरखनाथ रिर्सोसेज समेत 11 फैक्ट्रियों में कामकाज बंद पूरी तरह से बंद हो गया। इसके कारण करीब 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से फोन पर बात की गई। इसके बाद आपूर्ति बहाल हो पाई।

प्लांट के बंद होने से ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित

मगहर में स्थापित एक मात्र मयूर ऑक्सीजन प्लांट की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इसके कारण अस्पताल सहित अन्य क्षेत्रों को होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। हालांकि, यहां की बिजली आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।

सेमरियावां क्षेत्र के 200 गांवों की आपूर्ति ठप
सेमरियावां। ब्लॉक के बिजली उपकेंद्र करमाखान व बाघनगर में बिजली आपूर्ति बंद होने से करीब 200 गांवों के लोग प्रभावित हुए। बिजली उपकेंद्र करमाखान से हटवा बाजार, केशवापुर, महुआरी, सेमरियावां, करमाखान उपकेंद्र से करीब 132 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। बाघनगर उपकेंद्र से रसुलपुर, भैंसवरिया फीडर से करीब 75 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े सात बजे से बिजली आपूर्ति बंद है।

जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि मोहम्मद अहमद ने बताया कि बिजली उपकेंद्र करमा खान में एक पुलिस कर्मी और दो आईटीआई छात्र मौजूद हैं। जिला कंट्रोल रूम नंबर 05547226505 पर फोन किया गया तो बताया गया कि हर जगह वैकल्पिक व्यवस्था के साथ बिजली आपूर्ति चालू है, जबकि ऐसा नहीं है। संवाद
 
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बखिरा क्षेत्र में अंधेरे में गुजरी रात

 क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है। पूरी रात लोगों ने अंधेरे में गुजारी। शुक्रवार को एसडीएम सदर रमेशचंद्र, बीडीओ रेनू चौधरी के साथ ढोढया स्थित बखिरा फीडर पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली। फीडर में ताला बंद देखकर एसडीएम ने नाराजगी जताई। एक्सईएन सरोज कुमार को फोन कर बुलाया। एक घंटे बाद आने पर एसडीएम ने एक्सईएन को लताड़ लगाई। एसडीएम ने फीडर में बंद ताला को तोड़वाया और आईटीआई प्रशिक्षु वैभव सिंह, अजय कुमार, विपिन कुमार व हेड कांस्टेबल मोहन कुमार व पीआरडी जवान लोरिक यादव को सुरक्षा के लिए तैनात किया।

ये विद्युत उपकेंद्र रहे ठप
- उपकेंद्र बखिरा पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र मेंहदावल ग्रामीण पूर्ण रूप बंद
- उपकेंद्र पचपोखरी पूर्ण रुप से बंद
- हरिहरपुर के चार फीडर बंद
- उपकेंद्र मुखलिसपुर पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र मोलनापुर पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र करमा खान पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र बौरव्यास पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र हैसर पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र धनघटा पूर्ण रूप से बंद
- उपकेंद्र कुशहरा पूर्ण रूप से बंद
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