- धनघटा के सिरसी और मेंहदावल के भरवलिया पांडेय में बन रहा केंद्र
- गर्मी के मौसम में बढ़ जाती है आग की घटनाएं, लोग होते हैं तबाही के शिकार
संराद न्यूज एजेंसीसंतकबीरनगर। स्वीकृत बजट भी नहीं मिलने की वजह से धनघटा और मेंहदावल तहसील क्षेत्र में बन रहे दो अग्निशमन केंद्र समय से नहीं बन पाए हैं। दोनों केंद्रों का निर्माण कार्य करीब दो साल से ठप है। कार्यदाई संस्था ने बजट की मांग की है, वहीं समय अधिक हो जाने की वजह से अब निर्माण की लागत भी बढ़ गई है।
धनघटा तहसील क्षेत्र के सिरसी में 10 अक्तूबर 2019 को पूर्व राज्य मंत्री श्रीराम चौहान ने अग्निशमन केंद्र की आधारशिला रखी थी। 7.20 करोड़ की लागत से एक साल में बन कर तैयार करना था। इसके निर्माण में अभी तक 1.80 करोड़ रुपये ही मिले हैं। बजट कम मिलने की वजह से करीब दो साल से निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
सिरसी निवासी महेंद्र नाथ राय, लक्ष्मीकांत, योगेंद्र और भूपेंद्र आदि का कहना है कि निर्माण कार्य तीन माह ही चला। इसके बाद कार्यदाई संस्था ने धन की कमी बताकर कार्य बंद कर दिया। भवन की दीवार आधी भी नहीं बनी है।
गांव वालों का कहना है कि गर्मी के मौसम में क्षेत्र में आए दिन आग की घटनाएं घटती हैं। आग पर काबू पाने के लिए जब तक फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंचती है, तब तक सबकुछ जल कर नष्ट हो जाता है। सिरसी में अग्निशमन केंद्र बनने से तहसील क्षेत्र में आग की घटनाओं पर नियंत्रण पाना आसान हो जाता।
कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के अवर अभियंता रवि खरवार ने बताया कि अग्नि शमन केंद्र की लागत 7.20 करोड़ रुपये स्वीकृत थी, लेकिन अभी तक 1. 80 करोड़ रुपये ही मिले हैं। करीब दो साल से बजट नहीं मिला है।
स्वीकृत नौ करोड़, मिले 2.66 करोड़
मेंहदावल के भरवलिया पांडेय में करीब नौ करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र का निर्माण होना था। स्वीकृत बजट के सापेक्ष कम राशि जारी होने की वजह से डेढ़ साल से अधिक समय से कार्य बंद है। इस केंद्र के सहारे मेंहदावल, सांथा ब्लॉक और बेलहर कला ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में होने वाली आग की घटनाओं पर काबू पाया जा सकेगा। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के अवर अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि फायर स्टेशन की लागत नौ करोड़ तय है। अभी तक 2 .66 करोड़ मिला है। बजट की कमी की वजह से करीब डेढ़ साल से काम बंद है। बजट की मांग शासन से की गई है। बजट समय से मिला होता तो एक साल में निर्माण कार्य पूरा हो गया होता।
अग्निशमन केंद्र का निर्माण कार्य तेजी के साथ कराया जाएगा। कार्यदाई संस्था के जिम्मेदारों को बुलाकर वार्ता की गई है। बजट के लिए पुलिस मुख्यालय लखनऊ से पत्राचार किया गया है। कार्यदाई संस्था को जल्द बजट उपलब्ध हो, इसकी लिए पैरवी की गई है।
- प्रेम रंजन सिंह, डीएम