मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन भले ही जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन पढे़ लिखे भी अपने मताधिकार को लेकर गंभीर नहीं है। इसका प्रमाण स्नातक चुनाव में दिखा, जहां महज 48.32 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें भी आधी आबादी ने रुचि नहीं दिखाई। 1423 में से महज 498 महिला मतदाताओं ने ही वोट डाला। जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के कुल 5166 मतदाता रहे, जिसमें 3743 पुरुष तथा 1423 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान में कुल 2496 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, इसमें 1998 पुरुष मतदाता तथा महज 498 महिला मतदाता शामिल रहीं।
बूथवार आंकड़ों पर गौर करें तो क्षेत्र पंचायत सांथा में 148 महिला मतदाताओं में से 45 ने वोट डाला, जबकि क्षेत्र पंचायत मेंहदावल बूथ पर 124 महिला वोटरों में से 59, क्षेत्र पंचायत सेमरियावां बूथ पर 68 में से 20, क्षेत्र पंचायत बघौली में 236 महिला मतदाताओं में से 70, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के एक बूथ पर 240 महिला मतदाताओं में से 54 तथा दूसरे बूथ पर 205 महिला मतदाताओं में से 68, क्षेत्र पंचायत नाथनगर बूथ पर 192 महिला मतदाताओं में से 82, क्षेत्र पंचायत पौली के बूथ पर 64 महिला मतदाताओं में से 25 तथा क्षेत्र पंचायत हैंसर बाजार बूथ पर 146 महिला मतदाताओं में से मात्र 64 महिला वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह आठ बजे से जैसे ही जिले के नौ बूथों पर मतदान शुरू हुआ, लेकिन शुरू के दो घंटे में महज 5.28 प्रतिशत ही मतदान हो सका।