- 25 को हल षष्ठी व्रत तो 26 को कृष्ण जन्माष्टमी का रहेगा व्रत
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। आचार्य पंडित इंद्रासन मिश्र ने बताया कि धर्मशास्त्र के अनुसार बृहस्पतिवार को महिलाएं बहुला व्रत रखेंगी। यह व्रत भाइयों के दीर्घायु के लिए बहनें रखती हैं। 25 अगस्त को हल षष्ठी तो 26 को कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रहेगा।
आदर्श विद्या विलास संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धर्मसिंहवा के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य आचार्य इंद्रासन शास्त्री ने बताया कि बहुला व्रत महिलाओं का एक खास व्रत होता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों को दीर्घायु बनाने के लिए दिन भर निर्जला व्रत रखती हैं। सूर्यास्त के बाद परंपरा के अनुसार मीठा भोजन लेकर बहुला गाय की कथा सुनकर व्रत को पूर्ण करती हैं।
तिन छट्ठी (हल शट्ठी/ललही छठ) का व्रत 25 अगस्त रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन माताएं अपने पुत्रों को दीर्घायु और स्वस्थ बनाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। महुआ का दातुन करती हैं, फिर नित्य की पूजा करके हरे कुश में गांठे बांधती हुई पुत्रों का जीवन हरा-भरा रखने की कामना करती हैं। फिर दही, महुआ, तिन्नी चावल, हल्दी आदि से छट्ठी माता की पूजा करती हैं। उनकी कथाएं सुनती हैं, फिर दोपहर में बिना हल के जुते हुए खेत में उपजे हुए साग, तिन्नी चावल, दही से फलाहार करती हैं। पूरे दिन पूरी रात छठी माता से प्रार्थना करती हैं। गांठ बांधने का समय सूर्योदय से लेकर दिन में 11 बजे तक है। 26 अगस्त सोमवार को कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत गृहस्थ परिवार का रहेगा, जबकि साधु की जन्माष्टमी का व्रत 27 अगस्त मंगल वार को रहेगा।