संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मिशन शक्ति के तहत रविवार को जिले में 10 स्थानों पर बहू-बेटी सम्मेलन और महिला सशक्तीकरण चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें 551 महिलाओं और बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, कानूनी प्रावधानों और शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
एंटी रोमियो टीम, महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं से संवाद किया। उन्हें घरेलू हिंसा, पति-पत्नी के विवाद, साइबर अपराध और गुड टच-बैड टच जैसे विषयों पर जागरूक किया गया।
चौपाल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, मातृ शक्ति को संबल योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में विस्तार से बताया गया।
महिलाओं को आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी देने के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और निडर होकर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। जागरूकता संबंधी पंफलेट भी वितरित किए गए।
कोतवाली खलीलाबाद की ओर से औरही, चानवापार, बघौली और भुअरिया में, दुधारा पुलिस की ओर से सेमरियावां में, महिला थाना की ओर से उन खास गांव में, महुली पुलिस की ओर से आगया उर्फ सीधाही में, मेंहदावल पुलिस की ओर से बीमापार और टड़वरिया चौराहा पर, बखिरा पुलिस की ओर से खरवनिया और दुर्गजोत में तथा धर्मसिंहवा पुलिस की ओर से रैधरपार, महादेवा नकार और इटौवा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सम्मेलन में शामिल महिलाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों को खुलकर साझा करने का अवसर मिला है। कार्यक्रम से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाओं ने कहा कि वे प्रतिभा को निखारकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करेंगी। उन्होंने पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ने की बात कहते हुए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की जरूरत बताई।