जिलाअस्पताल में पैथालाजी लैब के बाहर जांच कराने के लिए बैठी मरीज।संवाद
संतकबीरनगर। एमसीएच विंग में महिला अस्पताल स्थानांतरित हो चुका है। यहां प्रसव आदि के ऑपरेशन हो रहे हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। उन्हें 200 मीटर की दूर तय कर प्रथम तल पर भी चढ़ना होता है। ऐसे में उनको समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि एमसीएच विंग में लैब आदि पहले से बनाए गए हैं, लेकिन जांच की कोई सुविधा नहीं है।
जिला अस्पताल में पहले पीछे की तरफ महिला अस्पताल संचालित हो रहा था। उसके बाद अप्रैल में एमसीएच विंग में स्थानांतरित कर दिया गया। पुराने महिला अस्पताल को सेंट्रल लैब के लिए प्रस्तावित किया गया, पर अभी तक लैब का निर्माण नहीं हो सका है। एमसीएच विंग में महिला अस्पताल का संचालन शुरू हुआ, लेकिन जांच के लिए जिला अस्पताल भवन में ही गर्भवती महिलाओं को आना पड़ता है। इसके साथ ही उन्हें सीढ़ी चढ़कर पैथालॉजी लैब तक जाना पड़ता है। जिससे उन्हें समस्या उठानी पड़ती है। एमसीएच विंग से पैथालॉजी लैब की दूरी लगभग 200 मीटर से ऊपर है। सोमवार को लैब में जांच कराने आई महिला के पति विनोद ने बताया कि उनकी पत्नी आठ माह से गर्भवती है। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने ब्लड जांच के लिए लिखा है। सीढ़ी चढ़ने में दिक्कत हुई हैैै। किसी तरह से यहां आकर ब्लड जांच के लिए दिया है।
यही हाल अन्य महिलाओं का रहा। इस संबंध में सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि एमसीएच विंग के पास ही सेंट्रल लैब प्रस्तावित है। उसके बनने के बाद समस्या दूर हो जाएगी।