धनघटा। क्षेत्र के आगापुर गुलरिहा गांव निवासी विधवा महिला की भूमि पर दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया, जबकि तहसीलदार ने 24 घंटे पहले बेदखली की कार्रवाई की थी।
विधवा महिला अब न्याय के लिए तहसील और थाने का चक्कर काट रही है। पीड़ित महिला ने कहा कि जमीन नहीं मिली तो तहसील पर धरना देंगी। आगापुर गुलरिया निवासी धूपा देवी पत्नी स्व. राम नौकर का कहना है कि गांव निवासी हरखु, राजमति और सरस्वती से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। दबंग हरखु ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया था।
इस संबंध में न्यायालय ने अगस्त माह में जमीन से कब्जा हटाने का आदेश दिया। उसके बाद तहसील प्रशासन ने धूपा देवी की जमीन से कब्जा हटवाया था।
कब्जा हटवाने के दो से तीन दिन के अंदर धूपा की जमीन पर हरखु, राजमति और सरस्वती ने दोबारा कब्जा कर लिया। न्यायालय में दोबारा मामले की सुनवाई हुई। धूपा देवी के पक्ष में कोर्ट ने फैसला दिया था।
न्यायालय के आदेश पर तहसीलदार और हल्का लेखपाल सोमवार को मौके पर पहुंचे और विपक्षी के जरिए किए गए जमीन के कब्जे से बेदखली की कार्रवाई की। भूमि को पूरी तरह से खाली कराए। पीड़िता को जमीन पर कब्जा दिला दिए। पीड़ित धूपा देवी का कहना है कि बेदखली की कार्रवाई के 24 घंटे के भीतर ही विपक्षी फिर लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंचे और तहसीलदार के द्वारा दिलाए गए कब्जे को हटाकर दोबारा कब्जा जमा लिए। पीड़ित महिला मंगलवार को तहसील से लेकर थाने तक न्याय के लिए चक्कर लगाती रही। उनका कहना है कि किसी तरह न्यायालय के आदेश पर अपनी जमीन पर कब्जा मिला था।
डीएम के आदेश पर तहसीलदार दबंग विपक्षियों को जमीन से बेदखल कराए थे, लेकिन कब्जा मिले 24 घंटा भी नहीं बीता दबंग फिर जमीन पर कब्जा जमा लिए। कहने पर मारपीट पर उतारू हो जा रहे हैं। उनकी जमीन किसी तरह से मिली थी लेकिन वह फिर हाथ से निकल रही है।
बताया कि जमीन पर बार-बार दबंगों का कब्जा हो जा रहा है। उन्हें पुलिस और प्रशासन का डर भी नहीं है। पीडि़ता ने अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। विपक्षियों पर कार्रवाई करते हुए उनकी जमीन को वापस दिलाएंगे। अगर उनकी जमीन नहीं मिली तो वह तहसील पर धरना देंगी।