सुदृढ़ होगी 463 मजरों की बिजली व्यवस्था
14 करोड़ खर्च कर बदले जाएंगे जर्जर तार और पोल
केबल के साथ एरिया ब्रंच कंडक्टर लगाया जाएगा और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स से उपभोक्ताओं को दी जाएगी सप्लाई
अप्रैल 2022 तक पूरा कराना है कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था चकाचक होगी। जर्जर तार और पोल बदले जाएंगे। इसके लिए शासन की ओर से 463 मजरों की सूची विद्युत निगम को भेजी गई है। इस कार्य पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अप्रैल 2022 तक कार्य पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश दिए गए हैं। विद्युत निगम की ओर से इस दिशा में पहल भी शुरू कर दी गई है। पहले 21 मजरों पर कार्य शुरू कराने की तैयारी की गई है।
गांवों की बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक की योजना संचालित है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर अधिक जनसंख्या वाले गांवों के 463 ऐसे मजरों को चिह्नित किया गया है, जहां तार और पोल जर्जर हो गए हैं। अक्सर तार टूट कर गिर जाते हैं। लोकल फॉल्ट की समस्या बनी रहती है। लो वोल्टेज की वजह से उपभोक्ता परेशान होते हैं। इस योजना के तहत चिह्नित मजरों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। यहां जर्जर तार-पोल बदले जाएंगे। विद्युत निगम के एक्सईएन आरके सिंह ने बताया कि इन मजरों के जर्जर तार बदल कर केबल लगाए जाएंगे। जहां पोल जर्जर होंगे, उन्हें भी बदला जाएगा। एरियल ब्रंच कंडक्टर लगाया जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स लगाया जाएगा। ताकि उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई दी जाएगी। इससे फायदा यह होगा कि कटिया कनेक्शन के जरिए लोग बिजली का उपभोग नहीं कर पाएंगे। इसमें यह भी देखा जाएगा कि जिन उपभोक्ताओं का लंबे समय से अधिक बिल बकाया होगा, उन्हें कनेक्शन नहीं जोड़ने दिया जाएगा। एक्सईएन ने बताया कि वैसे जो मजरों की सूची केंद्र सरकार से मिली है, उसमें से 31 मजरों पर पहले की कार्य कराया जा चुका है। 21 मजरों में कार्य शुरू कराए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इस कार्य पर 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अप्रैल 2022 तक हर हाल में कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।