बखिरा। क्षेत्र के झुंगिया स्थित काली मंदिर परिसर में रविवार को निषाद समाज की बैठक में शासन-प्रशासन के स्तर से बखिरा झील के सुंदरीकरण की पहल का विरोध किया।
मक्खन निषाद ने कहा कि बखिरा झील से झुंगिया, शनिचरा, गोविंदपुर, महला, सुरजाजोत, बड़ंगो, मेड़रापार, धौरापार, लंगड़ी सई आदि गांवों के सैकड़ों परिवारों की आजीविका चलती है। कुछ क्षेत्रीय नेताओं के जरिए झील के सुंदरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन निषाद समाज के लोग इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करेगा।
कहा कि झील से सटे गांवों के लोग सुंदरीकरण कार्य से प्रभावित होंगे। इससे उनका रोजगार छिन जाएगा। इससे समाज के लोग भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। यह प्रस्ताव निषाद समाज को कत्तई मंजूर नहीं है। लालचंद निषाद ने कहा कि निषाद समाज सदियों से इसी झील से परिवार का भरण पोषण करता चला आ रहा है।
सरकारी हस्तक्षेप से उनके सामने बेरोजगारी की स्थिति पैदा हो जाएगी। सरकार को यह प्रस्ताव वापस लौटाने के लिए निषाद समाज मजबूर करेगा। बैठक में जुटे समाज के लोगों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे सभी लोग समस्याओं को लेकर जल्द ही विधायक से मिलकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। इस दौरान सुदामा, बलराम, गौतम, सुदामा, शमशाद अहमद, बालगोविंद, बृजलाल, प्रहलाद, बलराम, छोटेलाल, राजबली आदि उपस्थित रहे।