महुली क्षेत्र के अलीनगर गांव में गुरुवार को एक शख्स ने मायके जाने के लिए घर से निकली पत्नी और साथ मौजूद साले को कुल्हाड़ी से काट डाला। उपचार की कोशिशों के बीच दोनों की मौत हो गई। पुलिस आरोपी के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
घटना के केंद्र में है अलीनगर गांव में रहने वाले रमानंद तिवारी का बेटा जयप्रकाश तिवारी, जो खलीलाबाद में एक निजी विद्यालय में शिक्षक है। उसकी शादी साढ़े चार पहले मेंहदावल क्षेत्र के नगपुर गांव निवासी वीरेंद्र त्रिपाठी की बेटी रजनी (गोल्डी) से हुई थी। संयुक्त परिवार से अलग होकर पत्नी गोल्डी और ढाई साल की बेटी सृष्टि के साथ रहने वाले जयप्रकाश का पत्नी से अक्सर विवाद होता था। बताते हैं कि माहौल बदलने के लिए पत्नी कुछ समय पहले मायके चली गई। करीब 15 दिन पहले वह ससुराल पहुंचा और समझाकर पत्नी को साथ ले आया। पत्नी के साथ उसका 12 वर्षीय भाई हिमांशु भी आ गया।
जयप्रकाश की मां के मुताबिक पिछले तीन दिन से बेटे और बहू के बीच किसी बात पर कहासुनी चल रही थी। आपसी विवाद टालने के लिए बहू गोल्डी ने अपने भाई हिमांशु के साथ फिर मायके जाने का इरादा बताया। पहले जयप्रकाश रजामंद हो गया लेकिन दोनों के तैयार होते ही अंतिम समय पर मना कर दिया। मायके जाने की जिद पर अड़ी गोल्डी गुरुवार को भाई हिमांशु के साथ घर से निकली तो इसकी भनक जयप्रकाश को लग गई। दोनों घर से थोड़ी दूर पहुंचे ही थी कि रास्ते में कुल्हाड़ी के साथ नजर आए जयप्रकाश ने एक-एक कर दोनों पर ताबड़तोड़ वार किए। दोनों को मरणासन्न स्थिति में छोड़कर वह मय कुल्हाड़ी भाग गया। इस दौरान ढाई साल की बेटी हमले से बच गई। आसपास खेल रहे बच्चों की सूचना परिवार और गांव के लोग जुटे। नाथनगर की सीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक ले जाकर दोनों को उपचार दिलाने की कोशिश हुई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
एसओ संतोष तिवारी ने बताया कि शुरुआती छानबीन में पता चला है कि जयप्रकाश पत्नी के चरित्र पर शक करता था। दोनों के बीच अक्सर विवाद की वजह यही थी। उसके फिर मायके जाने और शक गहराने पर आपा खोकर दोनों को कुल्हाड़ी से काट डाला। जयप्रकाश के पकड़ में न आने पर उसके भाई को हिरासत में लेकर उसके संभावित ठिकानों की पूछताछ की जा रही है।