संतकबीरनगर। जिसे लिवाइस, जारा या किसी अन्य नामी ब्रांड की जींस समझकर युवा पहन रहे हैं, वह दिल्ली के सीलमपुरी और सीमापुर इलाके में बनी लोकल टाइप भी हो सकती है। दिल्ली के सीलमपुर और सीमापुरी व कोलकाता में बड़े ब्रांड की डुप्लीकेट जींस बड़े पैमाने पर तैयार होती हैं। वहां से पूर्वांचल के भी बाजारों में जींस लाकर दुकानदार अपनी जेब भर रहे हैं। ऐसे ही एक नामी ब्रांड की टीम की सूचना पर कोतवाली थाने की पुलिस ने रविवार को बरदहिया बाजार में तीन दुकानों में छापा मारा। दुकानों से इन दोनों ब्रांड की एक हजार जींस की डुप्लीकेट पैंट और 350 शर्ट बरामद हुईं। इनकी कीमत 20 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई से बरदहिया बाजार में अफरा-तफरी बढ़ गई।
बड़े ब्रांड के नाम पर नकली खाद्य पदार्थ, कास्मेटिक, इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ ही कपड़ों, खासकर जींस का कारोबार करने वाले जगह-जगह सक्रिय हैं। ऐसे में लोग जिसे महंगी और नामी ब्रांड की जींस समझकर खरीदते हैं। दरअसर वह डुप्लीकेट होने की वजह से काफी सस्ती होती है। इसके कारोबार में दुकानदारों को ज्यादा मुनाफा होता है। कपड़े की बड़ी मंडी बरदहिया में भी ऐसी जींस की बिक्री की सूचना पर रविवार को टीम ने कार्रवाई की।
अमेरिका के एक नामचीन ब्रांड की गारमेंट्स कंपनी के टीम लीडर महेश सिंह छह सहयोगियों के साथ रविवार को खलीलाबाद आए और एसपी से मुलाकात की। उन्होंने एसपी को बरदहिया बाजार में तीन दुकानों पर अपनी कंपनी का डुप्लीकेट ट्रेड मार्क लगाकर जींस और शर्ट बेचे जाने की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी के निर्देश पर कोतवाल सर्वेश राय, एसआई राजेश कुमार, एसआई प्रतिभा सिंह व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ गारमेंट्स कंपनी की टीम के लीडर महेश सिंह व उनके सहयोगी बरदहिया बाजार में बारी-बारी से तीनों दुकानों में पहुंचे।
पुलिस के साथ कंपनी की टीम ने तीनों दुकानों के गोदामों की भी जांच की। वहां से काफी संख्या में कंपनी का ट्रेड मार्क लगी जींस की पैंट और शर्ट बरामद हुई। पुलिस की जांच के दौरान बरदहिया बाजार के व्यापारी इकट्ठा हो गए और तमाशा देखने लगे। करीब दो घंटे तक पुलिस की जांच चली। साप्ताहिक बाजार होने के बाद भी इस कार्रवाई से वहां काफी गहमा-गहमी रही। गारमेंट्स कंपनी के टीम लीडर महेश सिंह ने बताया कि ऐसी सूचना मिल रही थी कि बरदहिया बाजार में कुछ बड़ी दुकानों पर उनकी कंपनी के नाम का ट्रेड मार्क लगाकर जिंस, शर्ट, टीशर्ट आदि की बिक्री की जा रही है। इसकी पहले रेकी कराई गई। जब सूचना की पुष्टि हो गई, तब पुलिस की मदद से डुप्लीकेट 1,000 अदद जींस पैंट, 350 शर्ट बरामद की गईं। इनकी कीमत करीब 20 लाख आंकी गई।
संबंधित तीनों दुकानदारों के खिलाफ कॉपी राइट एक्ट और ट्रेड मार्क एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। वहीं, रायल टच दुकान की देखरेख करने वाले पंकज कुमार ने बताया कि जींस और शर्ट की खरीदारी कोलकाता से की जाती है। उन्हें यह नहीं पता है कि जो कपड़े खरीद कर बेचने के लिए लाए थे, वे डुप्लीकेट हैं। दूसरी ओर, कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि अमेरिका की एक बड़ी गारमेंट्स कंपनी की टीम के लीडर महेश सिंह ने बरदहिया बाजार के रायल टच, श्रीराम गारमेंट्स और रीयल मार्ट नाम की दुकानों के संचालकों के खिलाफ तहरीर दी है। इस मामले में कॉपी राइट एक्ट और ट्रेड मार्क अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बरामद जींस और शर्ट को कब्जे में ले लिया गया है।
व्यापारी नेताओं ने टीम की कार्रवाई पर उठाया सवाल
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जैन और जिलाध्यक्ष श्रवण अग्रहरि का कहना है कि पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़े की मंडी बरदहिया बाजार है। यहां छोटे-छोटे व्यापारी फुटपाथ पर अपना कारोबार करते हैं। कहा कि जहां डुप्लीकेट गारमेंट्स को तैयार किया जाता है, वहां टीम को छापा मारना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। आरोप लगाया कि चर्चित गारमेंट्स कंपनी के लोग मिलीभगत करके डुप्लीकेट ब्रांड के कपड़ों का निर्माण करने वालों को संरक्षण देते हैं। जो छोटे व्यापारी अनजान में पकड़े लाकर बेच कर रोजगार करते है, सिर्फ उन्हीं का उत्पीड़न किया जाना उचित नहीं है।