शहर में चिड़ियाघर और वाटर पार्क की उम्मीदें फिलहाल परवान चढ़ती नहीं दिख रही हैं। पांच महीने पहले नगर पालिका की तरफ से भेजे गए इन दोनों परियोजनाओं के प्रस्ताव पर आज तक शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि इसके लिए पालिका प्रशासन जमीन की चिन्हित कर चुका है। पालिका प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इन परियोजनाओं को मंजूरी मिल जाएगी और शहरियों को मनोरंजन के नए केंद्र मिलेंगे।
खलीलाबाद शहर के वन देवी मंदिर के पास चिड़ियाघर और वाटर पार्क के निर्माण का प्रस्ताव अगस्त माह में नगर पालिका प्रशासन ने शासन को भेजा था। इस योजना पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उम्मीद की जा रही थी कि जल्द ही ही इनको मंजूरी मिल जाएगी, जिससे लोगों को मनोरंजन के साथ रोजगार के मौके भी मिलेंगे। नगर पालिका की आय में भी वृद्धि होगी, पर अब तक शासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
चिड़ियाघर पर 20 करोड़ व वाटर पार्क पर दो करोड़ का है प्रस्ताव
गोरखपुर और लखनऊ की तर्ज पर शहरवासियों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें चिड़ियाघर पर 20 करोड़ व वाटर पार्क बनाए जाने पर दो करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। शहर के उस्का मोहल्ले में वन देवी मंदिर के पास इनके लिए जमीन भी खोज ली गई है। पालिका प्रशासन का दावा है कि इन परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। चिड़ियाघर को बनाने में पर्यटन विभाग, धर्मार्थ कार्य विभाग और विकास विभाग से भी मदद मांगी गई है। इन विभागों ने सहमति भी दे दी है।
...तो बाहर नहीं जाना पड़ेगा
चिड़ियाघर व वाटर पार्क बनने से लोगों को मनोरंजन का नया केंद्र मिलने की उम्मीद जगी है। शहर के निवासी महेश गुप्ता ने कहा कि चिड़ियाघर व वाटर पार्क बनने से लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वही दिनेश कुमार ने कहा कि बच्चों के मनोरंजन के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है, यदि चिड़ियाघर व वाटर पार्क बन जाए तो शहर में ही मनोरंजन का साधन उपलब्ध हो जाएगा।
वन देवी मंदिर के पास नगर पालिका की पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर चिड़ियाघर और वाटर पार्क का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इस पर करीब 22 करोड़ खर्च होगा। शासन स्तर पर पैरवी की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जगत जायसवाल- अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद