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बिजली संकट : सूरज तपा तो बिजली ने भी दिया दगा

Sat, 17 Jun 2023 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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गोलाबाजार में बिजली के लोकल फाल्ट को ठीक करते बिजलीकर्मी।
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संतकबीरनगर। 43 डिग्री तापमान में तेज गर्मी की तपिश से लोग परेशान हैं। इसके साथ ही बिजली की खपत बढ़ गई है, लेकिन बिजली मांग और आपूर्ति में काफी अंतर है। जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। शहर के विभिन्न मोहल्लों में 10 घंटे बिजली गुल रही और लोग गर्मी से बिलबिला रहे। ट्रांसफार्मर लोड नहीं झेल पा रहे हैं और हांफ रहे हैं। निगम के मुताबिक लोड बढ़ने से तार टूट जा रहे हैं, जिसकी वजह से समस्या और बढ़ गई है।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्र में करीब दो लाख 27 हजार बिजली उपभोक्ता है तो खलीलाबाद शहर में 27 हजार कनेक्शनधारी हैं। शासन ने 22 जून तक बिजली कटौती से मुक्त रखने का फरमान जारी किया है, लेकिन बिजली आपूर्ति व्यवस्था हांफ रही हैं। तेज हवा और गर्मी के चलते बिजली के तार टूटकर गिर रहे हैं। साथ ही ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है। जिसके कारण बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। बृहस्पतिवार को बघौली फीडर से जुड़े सरौली, पुलिस लाइन आदि क्षेत्रों में करीब दस घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। सुबह दस बजे बिजली गुल हुई और शाम को आठ बजे के करीब आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ा। कारण यह है कि बिजली न रहने से पंखा, कूलर व बिजली से चलने वाले उपकरण बेकार हो गए। लोगों के घरों की छतों पर लगी पानी की टंकिया सूख गई, जिससे पानी का भी संकट खड़ा हो गया। ऐसी ही स्थिति मगहर कताई मिल फीडर से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली की आवाजाही बनी रही। लो-वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है।
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बिजली की मांग बढ़ी, उपलब्धता कम
तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है, लेकिन इसके सापेक्ष बिजली की उपलब्धता कम है। पहले जहां प्रतिदिन 542 मेगावाट बिजली की डिमांड थी, वहीं वह बढ़कर 683 मेगावाट हो गई है। ऐसे में बिजली की मांग और उपलब्धता में अंतर का असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। इससे बिजली की कटौती बढ़ गई है। साथ ही बार-बार बिजली कट रही है। औसतन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 10 से 12 घंटे बिजली ही मिल पा रही है, जबकि शहर में प्रतिदिन 15 से 16 घंटे बिजली मिल रही है। लोड बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर भी फुंक रहे हैं। डेढ़ माह में 50 से अधिक ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं। हालांकि निगम का दावा है कि जहां ट्रांसफाॅर्मर जले वहां 48 घंटे में बदल दिए गए। कुछ स्थानों पर मोबाइल ट्रांसफाॅर्मर लगाकर बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
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400 एसी चलते ही मंद पड़ रही 5000 घरों के पंखों की चाल
खलीलाबाद शहर में कुल 27 हजार उपभोक्ता है। इनमें से करीब 400 घरों में एसी लगी है। एसी चलने पर लोड बढ़ रहा है और आस-पास के घरों के पंखों की चाल मंद पड़ जा रही है। इसके साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो जा रही है। ज्यादातर लोग स्टेपलाइजर लगाकर वोल्टेज बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, फिर भी राहत नहीं मिल पा रही है। शहर के गोलाबाजार, आजाद चौक, मुखलिसपुर तिराहा, बैंक चौराहा आदि मोहल्लों में एसी ज्यादा है, लेकिन उपभोक्ताओं ने लोड नहीं बढ़वाया है। इसके कारण भी लोड ज्यादा होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

हाथ का पंखा बना सहारा
बिजली की कटौती के कारण लोग बेहाल है। ऐसे में हाथ का पंखा लोगों के लिए सहारा बना हुआ है। लोग गर्मी से बचने के लिए हाथ का पंखा खरीदकर ला रहे हैंं। इससे भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उपभोक्ता निगम की व्यवस्था को कोष रहे हैं।

गर्मी चरम पर है और बार-बार बिजली कट रही है। इसके कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो दिनों से तेज हवा चलने के कारण दिन में कटौती बढ़ गई है। पंखा, कूलर बेकार हो गए हैं। इससे परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रियंका राय, उपभोक्ता

शासन ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने की बात कहीं है, लेकिन प्रतिदिन शहर में आठ से दस घंटे बिजली कट रही है। इसके साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। गर्मी के कारण बच्चों की परेशानी नहीं देखी जा रही है।
-दिलीप कुमार, उपभोक्ता

बिजली की आवाजाही नहीं हुई। इससे घरों की छतों पर लगी पानी की टंकी सूख जा रही है, जिससे पानी का संकट खड़ा हो रहा है। इससे स्नान करने से लेकर भोजन बनाने में भी परेशानी खड़ी हो रही है।
बलजीत कौर, उपभोक्ता

बिजली के तार काफी पुराने हैं, गर्मी में लोड नहीं झेल पा रहे है और टूटकर गिर रहे हैं। जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। पिछले दिनों से हवा चलने के कारण समस्या और गंभीर हो गई है।
-अवनींद्र नाथ त्रिपाठी, उपभोक्ता

तापमान बढ़ने से लोड बढ़ गया है, जिससे तार टूटकर गिर रहे हैं। इसके कारण बिजली काटनी मजबूरी है। फिर भी पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जहां पर फाल्ट हो, वहां तत्काल ठीक कराया जाए, इसके लिए कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं।
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-रणधीर कुमार, अधिशासी अभियंता बिजली
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