धनघटा। क्षेत्र के गरथौलिया गांव निवासी युवक उधार में लिए गए दस हजार रुपए समय पर नहीं दे सका तो एक फाइनेंस कंपनी का सुपरवाइजर अपने सहयोगियों के साथ ट्रैक्टर मालिक और ट्रैक्टर को लेकर चला गया। चार दिन बाद भी ट्रैक्टर और मालिक का पता नहीं चला तो युवक की मां ने थाने में फाइनेंस कंपनी के सुपरवाइजर समेत तीन लोगों के विरुद्ध मारपीट, साजिश और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है।
संगीता देवी पत्नी हरिकेश का कहना है कि खलीलाबाद निवासी एक फाइनेंस कंपनी के सुपरवाइजर से उनके पुत्र धर्मवीर ने 10,000 रुपये उधार लिया। कंपनी के सुपरवाइजर बार-बार रुपये की मांग करने लगे। आर्थिक स्थिति ठीक न होने से रकम वापस नहीं कर पा रहे थे। 10 अक्टूबर को कंपनी के सुपरवाइजर अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ पहुंचे और रुपये की मांग करने लगे। बेटा धर्मवीर रुपये लौटाने में असमर्थता व्यक्त की तो उसे मारपीट कर दरवाजे पर खड़े ट्रैक्टर पर बिठा लिए और ट्रैक्टर समेत धर्मवीर को अपने साथ लेकर चले गए। तभी से बेटे का कुछ पता नहीं चल रहा है। पीड़िता ने शक जताया है कि धर्मवीर की हत्या करके आरोपी उसके शव को कहीं गायब कर दिए हैं। थाना अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में झिनक पांडेय निवासी बारीडिहा थाना धनघटा, धर्मनाथ पांडेय निवासी बारीडिहा थाना धनघटा और आदित्य राय एवं एलटू टी फाइनेंस कंपनी के सुपरवाइजर के विरुद्ध मारपीट साजिश रचने और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया है।