संतकबीरनगर। जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं खरीद 7.42 फीसदी हो सकी। शनिवार को क्रय केंद्राें पर गेहूं खरीद की अंतिम दिन है। शासन के तमाम प्रयासों के बावजूद गेहूं खरीद की प्रगति नहीं हो सकी। गेहूं खरीद की चार एजेंसियों ने अब तक लक्ष्य 48000 मीट्रिक टन खरीद के सापेक्ष 3563.662 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदा। हालांकि विभाग के अनुसार पहले 64 000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य था जिसे घटाकर 48000 मीट्रिक टन कर दिया गया।
जनपद में एक मार्च से ही गेंहू खरीद के लिए खाद्य विभाग समेत चार एजेंसियों के 69 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। शासन ने 64 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था और गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपया प्रति क्विंटल निर्धारित था। लेकिन उस समय खेतों में गेहूं तैयार न होने के कारण अप्रैल के प्रथम सप्ताह में गेहूं खरीद शुरू हुई।
अप्रैल माह में गेंहू क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं पहुंचाना शुरू किए लेकिन मई माह में किसानों का रूझान बाजार की तरफ हो गया। बाजार के कारोबारी किसानों के घर जाकर सरकारी मूल्य से अधिक कीमत देकर किसानों से गेहूं खरीदने लगे। बाजार से मिली चुनौतियों के कारण सरकारी गेहूं क्रय केंद्र लगातार पिछड़ते गए।
जनपद में खाद्य विभाग की विपणन शाखा, भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी समिति की 69 गेहूं क्रय केद्र के माध्यम से अब तक 725 किसानों से 3563.66 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो सकी है।
जनपद में गेहूं खरीद 15 जून तक होना है। 48000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद के सापेक्ष 725 किसानों से 3563.66 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई है। बाजार में अधिक मूल्य मिलने पर किसानों ने सरकारी केंद्रों में गेहूं बेचने में रुचि नहीं ली।
- रूपेश कुमार, डिप्टी आरएमओ