संतकबीरनगर। मई में गर्मी का सितम चरम पर है। लू के थपेड़ों से जनजीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में गर्मी से बचाव के उपाय जरूरी है, नहीं तो बीमार पड़ सकते हैं। त्वचा रूखी हो जा रही है। जिला अस्पताल में त्वचा की समस्या से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।
बृहस्पतिवार की सुबह से ही मौसम काफी गर्म रहा। तेज धूप ने लोगों को झुलसा दिया। इसके साथ ही चल ही गर्म हवा ने भीषण गर्मी का अहसास कराया। अधिकतम तापमान 41 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह तापमान इस मौसम का अधिकतम है।
चिकित्सकों का कहना है कि दिन के समय यही प्रयास होना चाहिए कि घर से बाहर कम ही निकलें। यदि बाहर धूप में निकलना भी पड़े तो सावधानी जरूर बरतें, नहीं तो गर्मी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम की बेरुखी का असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 1200 के करीब मरीज पहुंचे। इसमें से 240 मरीज चर्म रोग से संबंधित थे। जिसमें त्वचा पर दाने, जलन आदि के मरीज अधिक थे।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. ने बताया कि गर्मी के कारण त्वचा रोग के मरीज आ रहे हैं। तेज धूप के कारण त्वचा रूखी हो जा रही है। लाल दाने और खुजली के धब्बे वाले मरीज भी काफी आ रहे हैं। धूप से बचने का एकमात्र उपाय संपूर्ण त्वचा को सू्ती कपड़े से ढक कर बाहर निकलें। पूरी कोशिश करें कि त्वचार सीधे धूप के संपर्क में न आएं। छाते का इस्तेमाल भी कारगर होगा।
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घर से पानी पीकर निकलें
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि गर्मी के दिनों में बीमारियां सबसे ज्यादा बढ़ती हैं। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। घर से पानी पीकर ही निकलें। शरीर में तरल पदार्थ की कमी न होने दें। इससे डिहाइड्रेशन नहीं होगा। बासी भोजन न खाएं। धूप से आने के बाद ठंडा पदार्थ न पीएं।
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पिछले पांच दिनों का अधिकतम तापमान
13 मई- 40 डिग्री सेल्सियस
14 मई- 41 डिग्री सेल्सियस
15 मई- 41 डिग्री सेल्सियस
16 मई- 41 डिग्री सेल्सियस
17 मई 41 डिग्री सेल्सियस
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गमछे की ब्रिकी बढ़ी
खलीलाबाद शहर में गमछे की ब्रिकी बढ़ गई है। 35 रुपये का गमछा 60 रुपये में बिक रहा है। बीते वर्ष के मुकाबले में इस वर्ष गमछे के दाम में बढ़ोतरी हुई है। व्यापारी चंदन ने बताया कि गर्म हवाओं से बचाव के लिए लोग गमछा लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रोजाना 15 से 20 गमछा बिक रहा है। 35 का गमछा 60 में, 100 का गमछा 120 में बिक रहा है। गर्म हवाओं से बचाव के लिए गमछा ज्यादा मददगार साबित हो रहा है।