- ठंड हवा भी चली, किसानों की चिंता बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी तेज धूप हो रही है तो कभी बादल छा जा रहे हैं। रविवार की सुबह धुंध छाई रही। साथ ही ठंड हवा भी चली और दिनभर बादल छाए रहे। जिससे सुबह ठंड का अहसास हुआ। दूसरी तरफ बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को बारिश होने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश हुई तो फसल को नुकसान हो सकता है।
रविवार की सुबह लोग जगे तो धुंध से सामना हुआ। ऐसा लगा कि घना कोहरा छा गया है। यह स्थिति सुबह दस बजे तक बनी रही। साथ बादल छाए रहे। दस बजे के बाद धुंध तो छट गई, लेकिन बादल दिनभर छाए रहे। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कारण यह है कि सरसों की फसल पककर तैयार है और किसान उसकी कटाई कर रहे हैं, जबकि गेहूं की फसल भी पकने के कगार पर है। मौसम में नमी रहने के कारण फसल तैयार होने में जहां देर हो सकती है, वहीं अगर बारिश हो गई तो फसल का काफी नुकसान हो सकता है।
किसान रामहित, राम अचल आदि ने कहा कि मौसम के रूख के कारण चिंता बढ़ गई है। इस बार फसल अच्छी हुई है, लेकिन यदि बारिश हुई तो फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम का मिजाज देख किसान डरे
धनघटा। रविवार की सुबह जिस तरह का धुंध देखने को मिला। उस तरह का गर्मी के माह में देखने को नहीं मिला था। इससे किसानों को फसल के नुकसान का डर सताने लगा है। किसान रामहित, परशुराम चौधरी, रामनयन, रामदेव, नर्वेश्वर, सभाजीत आदि का कहना है कि गेहूं की फसल जब से पकना शुरू हुई तभी से मौसम खराब होना शुरू हो गया। अब जब कटाई में बमुश्किल 15 से 20 दिन की देरी है तो आसमान पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। इस समय अगर मौसम खराब हुआ तो पैदावार पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
मौसम बदला है, लेकिन इससे किसानों को नुकसान होने की संभावना नहीं है। यदि बारिश हुई तो कुछ नुकसान हो सकता है।
-पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी