संतकबीरनगर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार की दोपहर में घंटे भर तक बारिश होती रही। इसके चलते मौसम काफी सुहाना हुआ। किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं पूरे दिन बदली छाई रही। लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है वहीं खेतों में पानी लग गया। किसानों को धान की फसल की सिंचाई से निजात मिली है।
जिला मुख्यालय पर दोपहर 12 बजे के करीब अचानक मौसम ने अपना रंग बदला और तकरीबन एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। इसके चलते सड़कों के साथ ही अन्य स्थानों पर पानी लग गया। यही नहीं लोगों को गर्मी से राहत भी मिली। कई दिनों बाद झमाझम बारिश होने से जिले में धान की फसल को भी संजीवनी मिली है। वहीं दुधारा, लोहरौली, धर्मसिंहवा, महुली, नाथनगर समेत कई इलाकों में भी बारिश हुई है। बड़गो के किसान दिनेश सिंह का कहना था कि किसानों को काफी राहत मिली है। अब उनको खेत में पानी चलाने के लिए महंगा डीजल नहीं लेना पड़ेगा।
बारिश में टकराकर गिरीं तीन बाइकें
बारिश के दौरान ही स्कूलों की छुट्टी हुई थी। इस दौरान जिला मुख्यालय के मेंहदावल रोड पर एक स्कूल के सात बच्चे तीन बाइक पर जा रहे थे। अचानक ही इन बच्चों को बाइक एक साथ टकरा गई और तीनों बाइक सड़क पर गिर गई। इसके बाद सभी बच्चे धीरे से उठे और अपनी अपनी बाइक को उठाकर मौके से निकल लिए। इस दौरान पीछे से कोई बड़ा वाहन नहीं आ रहा था, अन्यथा बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।
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धनघटा क्षेत्र में शाम तक होती रही बूंदाबांदी
धनघटा। मंगलवार का दिन किसानों और फसलों के लिए मंगलकारी रहा। सुबह से शुरू हुई बूंदाबांदी देर शाम तक जारी रही। जिससे फसलों को फायदा पहुंचा है और लोगों को गर्मी से भी राहत मिली। बारिश न होने के कारण फसल सूख रही थी। जबसे कुआर का महीना लगा तभी से बारिश नहीं हुई थी। जो किसान साधन सम्पन्न थे वह फसल में पानी चलाना शुरू कर दिए थे। मंगलवार को जब बूंदाबांदी शुरू हुई तो किसानों के चेहरे पर खुशहाली छा गई। उधर जिन खेत में धान की बाली निकल रही है, वह फसल हरी भरी दिखने लगी। किसान महादेव, गोमती, रामशरण, राम शंकर, रघुबीर सिंह, जोखन आदि का कहना है कि बारिश से फसलों को फायदा तो पहुंचा है। लेकिन जिस तरह की बारिश होनी चाहिए उस तरह की बारिश अभी नहीं हुई। तेज़ बारिश हो जाती तो धान की अगैती फसल अब तक पककर तैयार हो गई होती।