सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र के जुबलीपुर गांव निवासी सिद्धार्थ (13) पुत्र धर्मेंद्र की शनिवार को पानी की टंकी से गिरने के कारण मौत हो गई थी। सऊदी में काम कर रहे पिता के आने का इंतजार करने के कारण रविवार को लाश का पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
पिता के बारे में तो जानकारी नहीं हुई, लेकिन रविवार शाम मृतक के बड़े पिता ने पोस्टमार्टम करवाया और रात में लाश को लेकर घर चले गए। सोशल मीडिया पर पूरे दिन घटना की चर्चा रही।
बता दें कि शहर के कांशीराम आवास के पास जनपद स्थापना के समय पर बनी पानी की टंकी से पिछले कई सालों से जलापूर्ति ठप कर दी गई थी। टंकी चारों तरफ पानी से घिर गई थी। बगल में ही कांशीराम आवास में बड़ी संख्या में जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग निवास करते हैं।
शनिवार दोपहर तरीबन दो बजे के करीब टंकी की सीढ़ी भरभराकर गिर गई। इस हादसे में तीन किशोर घायल हो गए। इन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां सिद्धार्थ (13) पुत्र धर्मेंद्र, निवासी जुबलीपुर थाना मोहाना को मृत घोषित कर दिया।
जबकि गोलू (14) पुत्र चंद्रेश, निवासी शास्त्रीनगर थाना सदर और सनी (11) पुत्र बरसाती जो मूल रुप से मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के उडलिया गांव निवासी है, लेकिन अब मां सुनीता के साथ कांशीराम आवास में रहता है, उसे भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। उनकी हालात में सुधार है। वहीं, कांशीराम में रहने वाली पवन (17) और कल्लू (17) टंकी पर अटक गए थे, जिन्हें करीब 15 घंट संघर्ष के बाद रविवार सुबह सेना ने हेलिकाॅप्टर से रेस्क्यू करके निकला था।
वहीं, सिद्धार्थ के लाश को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था। लेकिन, पिता के न होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हुआ। परिवार के लोगों ने मना कर दिया था। सोमवार देर शाम मृतक के बड़े पिता मिथिलेश पीएम हाउस पहुंचे और शव को लेकर जाने की बात कही। इसके बाद पोस्टमार्टम शुरु हुआ। देर रात तक परिवार के लोग लाश लेकर गांव चले गए।
इस संबंध में शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।