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बारिश से जल भराव, बढ़ी परेशानी

Tue, 30 May 2017 11:31 PM IST
संतकबीरनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
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रास्ते में लगा पानी - फोटो : अमर उजाला
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 मंगलवार को हुई बारिश से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद सहित विभिन्न बाजारों में जल भराव की स्थिति हो गई है। इसके कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो पहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है।       
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हल्की बारिश में ही मुखलिसपुर रोड, तितौवा, मटिहना, बरदहिया बाजार, बंजरिया रोड, डाक बंगला के सामने आदि क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति पैदा हो गई। इसको कारण लोगों को परेशानी हो रही है। गोलाबाजार में तो नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़क की पटरिया पर फैल गया। यही नहीं सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गई। पुरानी सब्जी मंडी व नवीन सब्जी मंडी में जल जमाव व कीचड़ के कारण दुकान लगाने वालों को परेेशानी हो रही है। इसी प्रकार नाथनगर बाजार, बखिरा बाजार, मुखलिसपुर, सेमरियावां आदि क्षेत्रों में भी जल भराव की स्थिति बनी हुई है। टेमा रहमत से सेमरियावां जाने वाले रोड़ पर सालेहपुर, चुटहना, सेमरियावां आदि में जल जमाव है, ऐसे में दो पहिया वाहन चालक खासे परेेशान रहे। बखिरा निवासी दिनेश कुमार, राजकुमार, नाथनगर के  जितेंद्र कुमार, रवी प्रकाश आदि ने कहा कि अभी तो मानसून की बारिश शुरू नहीं हुई है। ऐसी ही स्थिति रही तो जब मानसून की बारिश शुरू होगी तो समस्या और गंभीर हो जाएगी। लोगों ने मांग किया कि बाजारों और कस्बों में जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश शुरू होने पर लोगों को परेशान न होना पड़े। 
बारिश से किसानों के चेहरे खिले तो भट्ठा मालिकों के मुर्झाए
हैंसर। मंगलवार को दोपहर में हुई झमाझम बारिश से जहां किसानों के चेहरे पर खुशी छा गई, वही ईट कारोबारियों का भारी नुकसान हुआ। भट्ठा संचालकों का कहना है कि रायल्टी जमा करने के बाद भी मिट्टी  खनन नही करने को मिल रहा है । भट्ठों पर रखे गए कच्चे ईट पानी पड़ने से गल गए। इससे भारी नुकसान उठना पड़ेगा। बरसात से सडकों पर जगह- जगह जल जमाव हो गया। राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।       
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 किसान राम लाल, कमलेश चौधरी , बलराम चौधरी, निरहूं, जयराम आदि का कहना है कि बारिश होने से खेत में अब खर पतवार उग जाएगें। धान की नर्सरी डालने में भी आसानी होगी। इस बार हुई बारिश से अब मूंगफली, मक्का, अरहर, तील, बजरी की बुआई शुरू हो जाएगी। वही बरसात को भट्ठा मालिक अभिशाप बता रहे है। भट्ठा संचालक पप्पू तिवारी, शमीम अहमद, बेचन जायसवाल, बृजेश यादव आदि का कहना है कि इस वर्ष भट्ठा मालिकों को मिट्टी के लिए लोहे का चना चबाना पड रहा है। रायल्टी जमा करने के बाद भी मिट्टी की खुदाई नही करने को मिल रहा है। किसी तरह ईट तैयार करके अंतिम चक्कर की तैयारी किया जा रहा था तो बरसात ने मंशा पर पानी फेर दिया। बरसात के कारण बर्बाद हुए ईट ने भट्ठा मालिको की कमर तोड दी है। बरसात के कारण राम जानकी मार्ग धनघटा से सिकरी गंज पर जगह जगह हुए गड्ढों में पानी भर गया । पौली चौराहे पर जलभराव के कारण राहगिर पानी में गिरते हुए नजर आए। हैंसर, डिहवा, सिरसी, लोहरैया में सड़क बने गड्ढे मुसिबत का कारण बन बैठे है। तहसील प्रांगण में जल भराव से तहसील के अंदर आना जाना मुश्किल रहा।

धनघटा तहसील क्षेत्र में गत 13 मई की सुबह आए आंधी और बारिश से जहां चार लोगों की मौत हो गई थी वही कई गांव के सैकड़ों लोग बेघर भी हुए थे। विद्युत पोल टूटने से कई दिनों तक विद्युत उपकेंद्र मुखलिसपुर, कोचरी से विद्युत सप्लाई बाधित रही। आंधी से हुए नुकसान का आकलन करने में तभी से राजस्व कर्मी लगे हुए थे अब जब उनकी रिपोर्ट आई तो 16 गांवो के 61 लोगों का करीब 12 लाख रुपये का क्षति होना बताया जा रहा है। उसके बाद भी अभी तक पीड़ितों को सहायता राशि नहीं मिल सकी है। 
  इस इलाके में 13 मई को तेज आंधी और बारिश से सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए और उसके नीचे अलग अलग दबकर चार लोगों की मौत हो गई। तहसील प्रशासन का कहना है कि आंधी के कारण कालीजगदीशपुर में तीन, कटार मिश्र में 10, बैडडवा में 10, शंकरपुर में चार, करनपुर में दो, मंझरिया में एक, चाननपार में दो, भिटकीनी में एक, खजुरिया में दो, शांतिनगरापार में एक, घोरहट में एक, नावन कला में पांच, सांखी में चार समेत तीन अन्य गांवों में 15 लोगों का छप्पर का मकान ध्वस्त हो गया था। इन सभी लोगों का करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। तहसीलदार राजेश गुप्ता का कहना है कि पीड़ितों को जल्द ही सहायता राशि दे दी जाएगी। मृतकों के परिजनों के खाते में चार- चार लाख रुपये भेज दिए गए है। 
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